जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के कुंडा की ढाणी में प्रदेश का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू हो गया है। पीएम-कुसुम योजना के तहत स्थापित यह संयंत्र 4.9 मेगावाट क्षमता का है। यह प्रोजेक्ट हरित ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
जयपुर में प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट: जयपुर में लगा राजस्थान का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र
पीएम कुसुम योजना के तहत जयपुर के कुंडा की ढाणी में 4.9 मेगावाट का प्लांट शुरू हुआ।
HIGHLIGHTS
- जयपुर के कुंडा की ढाणी में राजस्थान का सबसे बड़ा 4.9 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हुआ।
- यह संयंत्र करीब 24 बीघा भूमि पर फैला है और प्रतिदिन 25 हजार यूनिट बिजली पैदा करेगा।
- इससे क्षेत्र के 437 कृषि उपभोक्ताओं को दिन के समय खेती के लिए भरपूर बिजली मिल सकेगी।
- अजमेर के 4.84 मेगावाट प्लांट को पछाड़कर यह प्रदेश का सबसे बड़ा सौर संयंत्र बन गया है।
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किसानों को मिलेगी दिन में बिजली
ताला स्थित सब स्टेशन से जुड़े डेकला गांव में यह प्लांट 24 बीघा में फैला है। इससे 437 किसानों को खेती के लिए दिन में ही बिजली मिल सकेगी। अब किसानों को रात में सिंचाई करने की समस्या से राहत मिलेगी।
अधिकारियों का कहना है कि, इस संयंत्र से हर दिन लगभग 25 हजार यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय बिजली संकट दूर होगा।
प्रदेश में सौर ऊर्जा का नया कीर्तिमान
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राजस्थान में अब तक कुसुम योजना के तहत 1819 संयंत्र लग चुके हैं। जयपुर का यह नया प्लांट अजमेर के 4.84 मेगावाट वाले पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर अब नंबर वन बन गया है। यह राज्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा।यह कदम न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक बड़ी उपलब्धि है। इससे क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
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