राजस्थान

शादी में गैस सिलेंडर की नई व्यवस्था: राजस्थान में शादी समारोह के लिए अब मिलेंगे इतने गैस सिलेंडर, मंत्री सुमित गोदारा ने दिए सख्त निर्देश

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 08 अप्रैल 2026, 11:46 दोपहर
राजस्थान में अब शादी समारोहों के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति आसान होगी। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने ई-केवाईसी और पीएनजी विस्तार को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं।

जयपुर | राजस्थान की भजनलाल सरकार प्रदेश के आम नागरिकों को राहत देने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।

शादी समारोह के लिए विशेष व्यवस्था

मंत्री सुमित गोदारा ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में शादियों के सीजन के दौरान लोगों को ईंधन की समस्या न हो। इसके लिए विशेष कोटा निर्धारित किया गया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में शादी समारोह के लिए 19 किलोग्राम के दो कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं शहरी क्षेत्रों के लिए यह संख्या तीन निर्धारित की गई है। इन सिलेंडरों को प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बेहद सरल रखी गई है। आवेदक को शादी का कार्ड संलग्न कर संबंधित जिला रसद अधिकारी (DSO) को आवेदन करना होगा।

बिना ई-केवाईसी नहीं मिलेगा सिलेंडर

बैठक में पारदर्शिता को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब बिना ई-केवाईसी (e-KYC) के किसी भी उपभोक्ता को सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि गैस सब्सिडी और आपूर्ति का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे। विभाग ने तेल कंपनियों को इस नियम का सख्ती से पालन करने को कहा है।

पीएनजी कनेक्शनों का होगा विस्तार

सरकार अब घरों में पाइप के जरिए पहुंचने वाली गैस (PNG) पर ज्यादा ध्यान दे रही है। मंत्री ने अधिकारियों को पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीएनजी न केवल सुरक्षित है बल्कि किफायती भी है। उद्योगों और आम जनता के बीच इसके लाभों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया है।

डिलीवरी समय और नए नियम

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राजस्थान में गैस सिलेंडर की औसत डिलीवरी 4.5 दिनों के भीतर की जा रही है। इसे और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया कि नवगठित नगरपालिकाओं को अब ग्रामीण क्षेत्र की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा। इससे बुकिंग और आपूर्ति की अवधि में सुधार होगा। इस समीक्षा बैठक में खाद्य विभाग के शासन सचिव श्री अम्बरीष कुमार सहित तेल और गैस कंपनियों के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे। सरकार का लक्ष्य हर घर तक सुलभ ऊर्जा पहुंचाना है।

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