जयपुर |
राजस्थान में बड़े बदलाव: 1 अप्रैल से राजस्थान में बड़े बदलाव, जानें क्या-क्या बदलेगा
राजस्थान में 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है, जिसके साथ ही हाईवे टोल, स्कूल, अस्पताल और सफारी के समय में कई महत्वपूर्ण बदलाव होंगे।
HIGHLIGHTS
- 1 अप्रैल से हाईवे पर सफर महंगा, कमर्शियल वाहनों के टोल में बढ़ोतरी।
- सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के समय में बदलाव, गर्मी के अनुसार नई समय-सारिणी।
- पहली बार स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा।
- रणथंभौर और सरिस्का में सफारी और आमेर में हाथी सवारी का समय भी बदलेगा।
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नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही राजस्थान में 1 अप्रैल से कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा।
सरकार ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। हाईवे पर सफर से लेकर सरकारी अस्पतालों और स्कूलों के समय तक, कई क्षेत्रों में नई व्यवस्थाएं लागू होंगी। आइए जानते हैं क्या-क्या बदलने वाला है।
हाईवे पर सफर होगा महंगा
राजस्थान में नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वालों को 1 अप्रैल से अधिक टोल चुकाना होगा। प्रदेश के 170 से अधिक टोल प्लाजाओं पर दरों में वृद्धि की गई है।
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किन वाहनों पर पड़ेगा असर?
जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, कारों के टोल में कोई वृद्धि नहीं की गई है। ज्यादातर बढ़ोतरी कमर्शियल और भारी वाहनों के लिए की गई है, जो 5 से 30 रुपए तक है।
रिंग रोड पर निजी और हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए दरें पहले की तरह ही रहेंगी, जबकि भारी वाहनों के लिए 5 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है।
इन टोल प्लाजा पर बढ़ी दरें
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नोटिफिकेशन के अनुसार, जयपुर-दिल्ली पुराने हाईवे पर दौलतपुरा, मनोहरपुर और शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर दरें बढ़ाई गई हैं।
इसके अलावा, जयपुर-किशनगढ़ हाईवे पर ठीकरिया, बड़गांव, रिंग रोड पर सीतारामपुरा, हिंगोनिया और जयपुर-सीकर राजमार्ग पर टाटियावास टोल बूथ पर भी बढ़ोतरी की गई है।
फास्टैग पास भी हुआ महंगा
कार के वार्षिक फास्टैग पास की कीमत में 75 रुपए की वृद्धि हुई है। अब यह पास 3000 रुपए के बजाय 3075 रुपए में मिलेगा। इस पास के जरिए एक साल में 200 बार टोल पार करने की सुविधा मिलती है।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव
शिक्षा विभाग भी 1 अप्रैल से कई नए नियम लागू कर रहा है।
नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से
इस बार प्रदेश के स्कूलों में नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। स्कूलों में 1 अप्रैल से 15 मई तक पढ़ाई होगी।
इसके बाद, 16 मई से 20 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद 21 जून से स्कूल फिर से खुलेंगे।
स्कूलों का समय भी बदलेगा
1 अप्रैल से स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों का समय भी बदल जाएगा, जो 30 सितंबर तक लागू रहेगा।
शिविरा पंचांग के अनुसार, एक पारी वाले स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे। दो पारियों में चलने वाले स्कूल सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे, जिसमें प्रत्येक पारी 5.30 घंटे की होगी।
वर्तमान में स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक लगते हैं। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगे।
पर्यटन और वन्यजीव सफारी
गर्मी को देखते हुए रणथंभौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व में सफारी के समय में भी बदलाव किया गया है।
सफारी का नया समय
1 अप्रैल से मॉर्निंग शिफ्ट की सफारी सुबह 6 बजे से 9:30 बजे तक होगी। इवनिंग शिफ्ट की सफारी दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेगी। यह समय 15 मई तक रहेगा।
16 मई से 30 जून तक शाम की पारी की सफारी दोपहर 3:30 से शाम 7 बजे तक होगी, जबकि सुबह की पारी का समय वही रहेगा।
आमेर में हाथी सवारी का समय
जयपुर के आमेर में हाथी सवारी का समय भी 1 अप्रैल से बदल जाएगा। वर्तमान में सुबह 7 से 11:30 बजे तक हाथी सवारी होती है, लेकिन 1 अप्रैल से यह सुबह 7 से 10:30 बजे तक ही रहेगी।
स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था में बदलाव
सरकारी अस्पतालों का ओपीडी समय
प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों का ओपीडी समय भी 1 अप्रैल से बदल जाएगा। गर्मियों में ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी।
राजकीय अवकाश के दिन ओपीडी सुबह 9 से 11 बजे तक रहेगी। इसके बाद इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी।
अदालतों का समय भी बदलेगा
राजस्थान हाईकोर्ट सहित प्रदेश के सभी न्यायालयों के समय में 13 अप्रैल से बदलाव होगा। अदालतों में ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू हो जाएगी, जो 28 जून तक प्रभावी रहेगी।
हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक चलेगा। वहीं, अधीनस्थ अदालतों में सुनवाई का समय सुबह 8 से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
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