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राजस्थान बनेगा खनन का सिरमौर: राजस्थान में खनन क्रांति: सीएम भजनलाल का बड़ा प्लान

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 20 मई 2026, 11:06 दोपहर
सीएम भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खनन क्षेत्र में विकास पर की चर्चा।

जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राजस्थान खनिज संपदा के मामले में देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने राज्य में खनन की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया।

प्रदेश में फिलहाल 82 प्रकार के खनिज मौजूद हैं। इनमें से 57 खनिजों का वर्तमान में सफलतापूर्वक दोहन किया जा रहा है। सरकार अब इसे और विस्तार देगी।

मुख्यमंत्री ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नीतिगत सुधारों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर देने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

खनिज संपदा और सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित किया। इस बैठक में केंद्रीय खान एवं कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। यह क्षेत्र बाड़मेर और बालोतरा जिले में लगभग 725 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।

यह कॉम्प्लेक्स आग्नेय चट्टानों की एक विशेष संरचना है। यहां रेयर अर्थ एलिमेंट और हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट के प्रचुर भंडार उपलब्ध होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस क्षेत्र के विकास के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। इससे केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।

आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा

सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स का महत्व केवल खनिज तक सीमित नहीं है। यह आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय महत्व रखता है।

मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक करने को कहा। इससे खनन कार्यों में आने वाली बाधाएं समय पर दूर होंगी।

खनन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भविष्य की बाधाओं को रोकने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करें। इससे कार्यों की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

जीएसआई और राज्य सरकार का समन्वय

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा चिन्हित साइट्स की जानकारी साझा की जाए। इससे भूमि आवंटन में स्पष्टता रहेगी।

उन्होंने कहा कि संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमि का अन्य प्रयोजनों के लिए आवंटन नहीं होना चाहिए। इसके लिए डेटा का आदान-प्रदान बहुत आवश्यक है।

पर्यावरण स्वीकृति से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। जिन ब्लॉक्स की नीलामी हो चुकी है, वहां उत्पादन जल्द शुरू होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सरकार की पहचान है। खनन क्षेत्र में भी इसी विजन के साथ काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री की नीतियों का असर

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए सुधारों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश में खनन क्षेत्र अब नई ऊंचाइयों पर है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के कारण क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण में तेजी आई है। राजस्थान इसमें एक प्रमुख भागीदार बनकर उभर रहा है।

राजस्थान में क्रिटिकल मिनरल्स का बड़ा भंडार है। यह राज्य रक्षा, ऊर्जा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र की बढ़ती मांग को पूरा करने का सामर्थ्य रखता है।

मंत्री रेड्डी ने कहा कि राजस्थान में खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक दोहन किया जा रहा है। निवेश अनुकूल वातावरण के कारण राजस्थान अब खनन का हब बन रहा है।

भविष्य की योजनाएं और निवेश

बैठक में कोल इंडिया-आरवीयूएनएल संयुक्त उपक्रम और सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।

डीएमएफ फंड का उपयोग स्थानीय विकास के लिए किया जाएगा। खनिज ब्लॉकों के शीघ्र संचालन के लिए वन स्वीकृतियों की प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने खनन नीतियों पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने केंद्र से जुड़े मुद्दों और राज्य की भावी योजनाओं की जानकारी साझा की।

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने राज्य के आर्थिक विकास में खनन की भूमिका पर सहमति जताई।

अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य के आपसी समन्वय से निवेश बढ़ेगा। राजस्थान की खनिज संपदा प्रदेश की अर्थव्यवस्था की नई रीढ़ बनेगी।

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