राजस्थान

राजस्थान में बाढ़ और सूखा: राजस्थान मानसून 2026: एक तरफ बाढ़, दूसरी तरफ सूखे जैसे हालात

Pradeep Beedawat · 07 अगस्त 2026, 06:11 शाम
राजस्थान में मानसून 2026 दो अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। पूर्वी जिलों में भारी बारिश और जलभराव है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में बारिश की कमी से जल संकट गहरा गया है। राज्य के 693 बांधों में 246 खाली हैं और बीसलपुर सहित कई प्रमुख बांधों में जलस्तर नहीं बढ़ा है।

जयपुर | राजस्थान में मानसून 2026 इस बार दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। जहां पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश, जलभराव और मकान गिरने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं पश्चिमी राजस्थान अब भी बारिश का इंतजार कर रहा है और वहां जल संकट लगातार गहराता जा रहा है।

आज की सबसे बड़ी तस्वीर: बारिश से प्रभावित राजस्थान

7 अगस्त को जयपुर में देर रात हुई तेज बारिश का असर एयर ट्रैफिक तक पहुंचा। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का विशेष विमान खराब मौसम के कारण जयपुर में लैंड नहीं कर सका और उसे दिल्ली डायवर्ट करना पड़ा।

चूरू के सादुलपुर में चार फीट तक जलभराव हो गया, जबकि धौलपुर और डीग में कई कॉलोनियां डूब गईं। डीग जिले के कामां क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते एक दो मंजिला मकान ढह गया, हालांकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

आज का मौसम अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 अगस्त को टोंक, बूंदी, कोटा, बारां और झालावाड़ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 20 जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। पिछले 24 घंटों में अलवर, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली और सवाई माधोपुर सहित कई इलाकों में 2 से 8 इंच तक बारिश दर्ज की गई।

बारिश का असर तापमान पर भी दिखा। अलवर और दौसा में अधिकतम तापमान में लगभग 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

एक ही दिन, दो अलग राजस्थान

पूर्वी राजस्थान जहां बारिश से तरबतर है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में हालात बिल्कुल उलट हैं। बीकानेर और श्रीगंगानगर में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जैसलमेर, फलौदी और चूरू भी राज्य के सबसे गर्म जिलों में शामिल रहे।

जोधपुर में मौसम पूरी तरह साफ रहा। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक यानी 34.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजस्थान के बांधों की स्थिति चिंताजनक

मानसून के बावजूद जल संकट पूरी तरह खत्म होता नजर नहीं आ रहा। जल संसाधन विभाग के अनुसार राज्य में कुल 693 बांध हैं। इनमें से 246 पूरी तरह खाली हैं, जबकि केवल 15 बांध ही पूरी क्षमता तक भरे हुए हैं। शेष 432 बांध आंशिक रूप से भरे हैं और उनमें भी पिछले वर्ष की तुलना में औसतन 35 प्रतिशत कम पानी उपलब्ध है।

बीसलपुर बांध पर टिकी करोड़ों लोगों की उम्मीद

टोंक जिले का बीसलपुर बांध जयपुर, अजमेर सहित करीब 1.16 करोड़ लोगों को पेयजल उपलब्ध कराता है। लेकिन इस मानसून में इसकी स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है।

2 जुलाई 2026 को बांध में 313.57 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी था, जो कुल क्षमता का 65.42 प्रतिशत था। 4 अगस्त 2026 तक यह आंकड़ा बिल्कुल नहीं बदला। यानी पूरे एक महीने में मानसून के बावजूद बांध में एक इंच भी नया पानी नहीं आया। पिछले वर्ष इसी समय तक यह बांध लगभग भर चुका था।

निष्कर्ष

राजस्थान इस समय मानसून की दो चरम स्थितियों का सामना कर रहा है। पूर्वी जिलों में बाढ़ और जलभराव की चुनौती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में पानी की कमी और सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। आने वाले सप्ताहों की बारिश ही तय करेगी कि प्रदेश के बांधों और जलापूर्ति की स्थिति में कितना सुधार हो पाता है।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)