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मानसून की बेरुखी: राजस्थान में मानसून कमजोर, 21 जिलों में बारिश का अलर्ट

बलजीत सिंह शेखावत · 17 जुलाई 2026, 10:40 दोपहर
राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है, लेकिन दो दिन बाद फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने 20 जुलाई को 21 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

जयपुर |

राजस्थान में इस बार मानसून उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहा है। सामान्य से देरी से आने के बाद, यह केवल 8 से 10 दिनों तक ही सक्रिय रहा और अब एक बार फिर कमजोर पड़ गया है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि प्रदेश में दो दिन बाद मानसून के फिर से गति पकड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने भी 20 जुलाई को राज्य के 21 जिलों में बारिश की भविष्यवाणी की है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन हिमालय की ओर खिसक गई है, जिससे राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर हो गई हैं।

उड़ीसा और पश्चिम बंगाल तट पर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन इसका असर फिलहाल राजस्थान तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंच रहा है।

21 जुलाई से बदलेगा मौसम

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक अधिकांश हिस्सों में कमजोर मानसून की स्थिति बनी रहेगी।

विभाग के अनुसार, 21 जुलाई से जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में मेघगर्जन और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

इसके बाद 22-23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य राजस्थान में भी बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है।

तापमान में बढ़ोतरी और बारिश का हाल

बारिश की कमी के कारण प्रदेश में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे दिन में उमस और गर्मी दोनों का असर महसूस हो रहा है।

40 डिग्री के पार पहुंचा पारा

गुरुवार को जैसलमेर और फलौदी में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में 40.4, पिलानी में 40.3, श्रीगंगानगर में 39.9 और बाड़मेर में 39.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री रहा।

21 जिलों में येलो अलर्ट

मौसम केंद्र जयपुर ने 20 जुलाई के लिए प्रदेश के 21 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अलवर, भरतपुर, बारां, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाईमाधोपुर, सीकर, टोंक, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में मेघगर्जन व वज्रपात के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

बारिश में भारी कमी

मानसून की बेरुखी के चलते पिछला सप्ताह (9 से 15 जुलाई) प्रदेश में लगभग सूखा ही बीता। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सामान्य से 75 फीसदी कम बारिश हुई।

आमतौर पर इस दौरान 34.7 मिमी सामान्य वर्षा होती है, लेकिन केवल 8.7 मिमी बारिश ही दर्ज की गई। यहां तक कि मानसून का प्रवेशद्वार माने जाने वाले हाड़ौती क्षेत्र में भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई।

सामान्य से कम बारिश की आशंका

मौसम विज्ञानियों का मानना है कि यदि जुलाई के आखिरी सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो इसका असर पूरे मानसून सीजन पर पड़ सकता है। चिंता की बात यह भी है कि अगस्त और सितंबर में भी सामान्य से कम बारिश के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में इस बार प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से कम रहने की आशंका है।

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