राजस्थान

निकाय चुनाव 2026 की बिसात: कांग्रेस की गुप्त सूची, बगावत रोकने की अनोखी चाल

बलजीत सिंह शेखावत · 31 अगस्त 2026, 10:39 दोपहर
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में कांग्रेस ने बगावत के डर से उम्मीदवारों की सूची जारी करने के बजाय सीधे जिला प्रभारियों को सिंबल भेजे हैं। पार्टी का मुख्य फोकस अब असंतुष्ट नेताओं को मनाने पर है।

जयपुर |राजस्थान में 2026 के नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने एक अनोखी रणनीति अपनाते हुए बगावत और भितरघात के डर से अपने प्रत्याशियों की कोई आधिकारिक सूची सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की है।

पार्टी ने कई दिनों की बैठकों के बाद रविवार को लगभग सभी जिलों में टिकटों पर अंतिम फैसला कर लिया।

कांग्रेस की रणनीति: सूची नहीं, सीधे सिंबल

पार्टी नेतृत्व ने उम्मीदवारों की सूची जारी करने के बजाय सीधे जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को अधिकृत सिंबल भेज दिए हैं।

इन सिंबलों को सोमवार को रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पार्टी की प्राथमिकता अब नामांकन के बाद कार्यकर्ताओं की नाराजगी को शांत करने और संभावित बगावत को रोकने पर है।

विवाद और मंथन का दौर

जयपुर नगर निगम वार्डों के लिए टिकट तय करना सबसे चुनौतीपूर्ण रहा, जहां देर शाम तक मंथन जारी रहा। कोटा में प्रदेश सह-प्रभारी पूनम पासवान ने मोर्चा संभाला, जबकि भीलवाड़ा में टिकटों को लेकर विवाद दिल्ली तक पहुंच गया।

भवानीमंडी में भाजपा को झटका

इस बीच, झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके इस कदम से भवानीमंडी में भाजपा के चुनावी समीकरण बिगड़ गए हैं।

अब बगावत रोकने पर फोकस

सोमवार को नामांकन समाप्त होने के बाद, दोनों दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती असंतुष्ट नेताओं को मनाना होगी। कांग्रेस की योजना है कि जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिला, उनसे वरिष्ठ नेता तुरंत संवाद करें।

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