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राजस्थान

राजस्थान माय भारत पोर्टल धमाका: राजस्थान के युवाओं के लिए बड़ी खबर: माय भारत पोर्टल से जुड़ें

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने युवाओं को माय भारत पोर्टल से जोड़ने के लिए विशेष अभियान के निर्देश दिए।

HIGHLIGHTS

  • राजस्थान में अब तक 17.70 लाख युवाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।
  • मुख्य सचिव ने युवाओं के लिए इसे 'सिंगल विंडो सॉल्यूशन' बनाने के निर्देश दिए।
  • शिक्षण संस्थानों में 'माय भारत कैंपस एम्बेसडर' की नियुक्ति की जाएगी।
  • नशामुक्ति और राष्ट्र निर्माण गतिविधियों से युवाओं को जोड़ा जाएगा।
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जयपुर | राजस्थान के युवाओं के लिए एक बहुत ही शानदार और उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार अब 15 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं को 'माय भारत' पोर्टल के माध्यम से भविष्य की नई उड़ानों के लिए तैयार कर रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इसके लिए अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने हाल ही में सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'माय भारत' पोर्टल की वर्तमान प्रगति का जायजा लेना और भविष्य की रणनीति तैयार करना था। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस पोर्टल से जोड़ा जाए।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप राजस्थान में युवाओं का व्यापक पंजीकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर एक विद्यार्थी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठा सके।

'सिंगल विंडो' बनेगा माय भारत पोर्टल

मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि माय भारत पोर्टल को युवाओं के लिए एक 'सिंगल विंडो सॉल्यूशन' के रूप में विकसित किया जाए। यहाँ युवाओं को कौशल विकास, स्वयंसेवा और अनुभवात्मक शिक्षण के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। इसके अलावा नवाचार और युवा नेतृत्व से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी एक ही जगह उपलब्ध होगी।यह पोर्टल राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के इच्छुक युवाओं के लिए एक क्रांतिकारी मंच साबित होने वाला है। उन्होंने सभी विभागों को मुख्यमंत्री स्तर पर दिए गए निर्देशों की पालना करने को कहा है। साथ ही युवा मामले विभाग को साप्ताहिक रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जिला कलेक्टरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब हर जिले में प्रतिमाह पोर्टल की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसकी विस्तृत मॉनिटरिंग रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाएगी ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।मुख्य सचिव ने युवाओं को प्रेरित करने के लिए एक और महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि विभिन्न क्षेत्रों के 'यूथ आइकॉन्स' को इस अभियान से जोड़ा जाए। जब युवा अपने रोल मॉडल को इस मंच पर देखेंगे, तो वे और भी अधिक उत्साह के साथ पंजीकरण करेंगे।

"माय भारत पोर्टल को युवाओं के लिए एक ऐसा सशक्त मंच बनाया जाए, जहां उन्हें राष्ट्र निर्माण और व्यक्तिगत विकास के अवसर एक साथ मिल सकें।" - वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव

कैंपस एम्बेसडर और विशेष पंजीकरण अभियान

अब प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और आईटीआई संस्थानों में भी जागरूकता की लहर देखने को मिलेगी। मुख्य सचिव ने इन संस्थानों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। वहां विशेष रजिस्ट्रेशन ड्राइव चलाई जाएगी ताकि कोई भी योग्य युवा इस अवसर से वंचित न रहे।एक और खास पहल के तहत शिक्षण संस्थानों में 'माय भारत कैंपस एम्बेसडर' नियुक्त किए जाएंगे। ये एम्बेसडर अपने साथी छात्रों को पोर्टल की खूबियों के बारे में बताएंगे। वे पंजीकरण प्रक्रिया में मदद करेंगे और युवाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का काम करेंगे।

अनुभवात्मक शिक्षण और जनकल्याण

मुख्य सचिव ने अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों (Experiential Learning) को बढ़ावा देने की बात कही है। इसके लिए जिला स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी इसी पोर्टल पर एकीकृत किया जाएगा।इससे युवाओं को अलग-अलग वेबसाइटों पर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सीएसआर फंड और गैर सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इससे प्रदेश में रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होंगी।

अब तक की शानदार प्रगति और आंकड़े

बैठक में माय भारत पोर्टल के निदेशक देवेन्द्र व्यास ने बताया कि राजस्थान में अब तक लगभग 17.70 लाख युवा पंजीकृत हो चुके हैं। यह आंकड़ा राज्य की सक्रियता को दर्शाता है। अभी तक 49 विश्वविद्यालय, 420 कॉलेज और 243 स्कूलों को सफलतापूर्व ऑनबोर्ड किया जा चुका है।इसके अलावा 13 विभागों और 9 जिला प्रशासनों को पोर्टल से जोड़ा गया है। पोर्टल पर 942 अनुभवात्मक शिक्षण अवसर और 10,000 से अधिक स्वयंसेवी मौके पब्लिश किए जा चुके हैं। यह युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बहुत बड़ा मंच बन चुका है।

स्वस्थ राजस्थान और नशामुक्ति का संकल्प

सरकार का उद्देश्य केवल करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं का सर्वांगीण विकास है। 'स्वस्थ राजस्थान-फिट राजस्थान' की भावना के साथ युवाओं को नशामुक्ति अभियान से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए पोर्टल के माध्यम से विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी।विभिन्न प्रतियोगिताओं, सेमिनार, युवा संवाद और पोस्टर अभियानों के जरिए युवाओं को समाज निर्माण के कार्यों में लगाया जाएगा। वृद्धाश्रमों और सामाजिक संस्थाओं में युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इससे उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भाव की भावना विकसित होगी।

विकसित भारत@2047 का सपना

'विकसित भारत@2047' की संकल्पना को साकार करने के लिए राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों का व्यापक आयोजन किया जाएगा। निदेशक ने 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' और 'नेशन फर्स्ट चैलेंज' जैसी योजनाओं की भी जानकारी दी। 'माय भारत बजट क्वेस्ट' में 950 से अधिक युवाओं ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई।महिलाओं की सशक्त भागीदारी के लिए 'नारी शक्ति वंदन रन' का आयोजन किया गया, जिसमें 1500 से अधिक युवतियों ने हिस्सा लिया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) आधारित लर्निंग प्रोग्राम भी 22 जिलों में आयोजित किए गए। इन प्रयासों से राजस्थान का युवा अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रहा है।

निष्कर्ष

राजस्थान सरकार की यह पहल युवाओं के स्वर्णिम भविष्य की आधारशिला रखेगी। 'माय भारत' पोर्टल न केवल युवाओं को कौशल सिखाएगा, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी गढ़ेगा। अगर आप भी 15 से 29 वर्ष की आयु के हैं, तो इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा जरूर बनें और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

*Edit with Google AI Studio

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