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राजस्थान

डेंगू से जंग: राजस्थान की नई पहल: राष्ट्रीय डेंगू दिवस: राजस्थान में 'जनभागीदारी' से महाअभियान

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

राजस्थान में डेंगू की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू, जानें बचाव के खास तरीके।

HIGHLIGHTS

  • राजस्थान में 'जनभागीदारी से डेंगू पर प्रहार' थीम के साथ मनाया गया राष्ट्रीय डेंगू दिवस।
  • स्वास्थ्य मंत्री ने डेंगू नियंत्रण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और सतर्कता पर जोर दिया।
  • प्रदेशभर में लार्वा सर्वे, फॉगिंग और स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया।
  • सप्ताह में एक दिन 'ड्राई डे' मनाने और जल पात्रों की सफाई की विशेष अपील की गई।
rajasthan national dengue day awareness campaign

जयपुर | राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर में डेंगू से बचाव के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान छेड़ा है। इस साल की थीम 'जनभागीदारी से डेंगू पर प्रहार' है।

इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को जागरूक करना है। विभाग का मानना है कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए जनता का सक्रिय सहयोग सबसे अनिवार्य कड़ी है।

सतर्कता और स्वच्छता से बढ़ें आगे

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि विभाग डेंगू पर लगातार निगरानी रख रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसमें जनसहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। सतर्कता और जागरूकता से ही डेंगू मुक्त समाज बनेगा।

प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि जिलों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां निकाली गईं। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इन कार्यक्रमों से लोगों को डेंगू के लक्षणों और बचाव की जानकारी मिली। सार्वजनिक स्थलों पर भी मच्छरों के स्रोत नष्ट करने की गतिविधियां संचालित की गईं।

'ड्राई डे' और बचाव के खास तरीके

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि घरों में पुराने पानी का जमा होना डेंगू फैलने का मुख्य कारण है।

आमजन को सलाह दी गई है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन 'ड्राई डे' जरूर मनाएं। इस दिन कूलर, टंकियां और गमलों के पानी को पूरी तरह सुखाकर साफ करना चाहिए।

स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रहे हैं और फॉगिंग की जा रही है। लोगों को पूरी बांह के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

यदि किसी को तेज बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाना चाहिए। सही समय पर जांच और इलाज ही जान बचा सकता है।

इस अभियान का लक्ष्य राजस्थान को डेंगू मुक्त बनाना है। यदि हर नागरिक जिम्मेदारी समझे, तो मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है। सामूहिक प्रयास ही इस लड़ाई में सफलता की कुंजी हैं।

*Edit with Google AI Studio

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