राजनीति

डोटासरा का बीजेपी पर बड़ा प्रहार: होमगार्ड भर्ती में 5 लाख की घूस? डोटासरा का बीजेपी पर बड़ा हमला

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 03 मई 2026, 05:10 शाम
डोटासरा ने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार, संविदा भर्ती और कुशासन के गंभीर आरोप लगाते हुए घेरा है।

सीकर | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सीकर में मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार पर नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप मढ़े हैं।

बीजेपी के शासन में भ्रष्टाचार का बोलबाला

डोटासरा ने कहा कि शासन और सुशासन केवल भाजपा के भाषणों में ही अच्छा लगता है। धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है और जनता त्रस्त हो चुकी है।

उन्होंने होमगार्ड भर्ती का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि प्रदेश में होमगार्ड के पद 4 से 5 लाख रुपये में खुलेआम बिक रहे हैं।

डोटासरा ने सवाल किया कि सरकार किस मुंह से कांग्रेस पर घोटाले के आरोप लगाती है? उनके अपने शासन में नियुक्तियों की बोलियां लग रही हैं।

उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, सरकारी नौकरियों के प्रति उसका नजरिया बहुत ही संकुचित रहा है।

युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़

डोटासरा के अनुसार भाजपा केवल जुमले देकर सत्ता में आई है। युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें अंधेरे में धकेला जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोई भी नई स्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इससे बेरोजगारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

रविवार को सीकर स्थित अपने आवास पर कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद डोटासरा ने मीडिया के सामने ये कड़े शब्द कहे।

संविदा भर्ती और आधे वेतन का संकट

डोटासरा ने कॉलेज शिक्षा विभाग की बदहाली का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज कॉलेजों में 40 प्रतिशत से अधिक शैक्षणिक पद रिक्त पड़े हैं।

सरकार इन पदों पर स्थायी भर्ती करने के बजाय संविदा पर नियुक्तियां कर रही है। यह युवाओं के साथ बड़ा अन्याय है।

डोटासरा ने बताया कि संविदा पर भर्ती होने वाले युवाओं को बेसिक पे का आधा वेतन ही दिया जा रहा है।

उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जहां 57 हजार रुपये वेतन मिलना चाहिए, वहां मात्र 28 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

कांग्रेस के नियमों की अनदेखी

डोटासरा ने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार ने संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए ठोस नियम और कानून बनाए थे।

लेकिन वर्तमान सरकार उन नियमों का उपयोग करने के बजाय संविदा पर नई भर्तियां निकाल रही है। यह शोषण की पराकाष्ठा है।

मेडिकल डिपार्टमेंट में भी संविदा के पदों को नियमित करने के बजाय पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

डोटासरा ने कहा कि इस सरकार में आम आदमी और कर्मचारियों की सुनने वाला कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति नहीं है।

कानून व्यवस्था और 'न्याय का मॉडल'

डोटासरा ने श्रीगंगानगर की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने इसे कुशासन का उदाहरण बताया।

एक विधायक और दलित अधिकारी के बीच हुई मारपीट की घटना पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।

डोटासरा ने कहा कि मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पीड़ित को कोर्ट जाना पड़ रहा है। यह सरकार की विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने मांग की कि किसी निष्पक्ष अधिकारी से इस पूरे मामले की जांच करवाई जानी चाहिए। दोषियों को तुरंत सलाखों के पीछे होना चाहिए।

प्रशासनिक इकबाल हुआ खत्म

डोटासरा ने कहा कि यदि सत्ता पक्ष के विधायक के साथ मारपीट हुई है, तो इसका मतलब है कि पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है।

वहीं अगर दलित अधिकारी को पीटा गया और उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, तो यह अन्याय की चरम सीमा है।

उन्होंने स्थानीय एसपी से इस मामले में अधिकृत बयान जारी करने की मांग की। जनता को सच जानने का पूरा हक है।

महंगाई और बुनियादी समस्याओं पर प्रहार

डोटासरा ने बढ़ती महंगाई पर सरकार को घेरते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि चुनावी परिणामों के बाद इन कीमतों में और भी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

भीषण गर्मी के बावजूद पानी की व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री की कोई चिंता नजर नहीं आ रही है। जनता बूंद-बूंद को तरस रही है।

भ्रष्टाचार का 'जीरो टॉलरेंस' एक दिखावा

डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बड़ी-बड़ी डींगे हांकती है। हकीकत में भ्रष्टाचार चरम पर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि होमगार्ड जैसी छोटी नौकरी में भी पैसे लेकर नियुक्तियां दी जा रही हैं। इसकी जवाबदेही किसकी होगी?

कांग्रेस शासन में रिटायरमेंट के दिन ही पेंशन मिलती थी, लेकिन अब कर्मचारियों को छह-छह महीने तक भटकना पड़ रहा है।

राष्ट्रीय राजनीति और केंद्रीय एजेंसियां

डोटासरा ने पश्चिम बंगाल चुनाव का उदाहरण देते हुए भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ, एनआईए और ईडी जैसी संस्थाओं का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

नेताओं के घरों पर आयकर विभाग के छापे डलवाए जा रहे हैं ताकि उन्हें डराया जा सके। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

जनता देगी करारा जवाब

डोटासरा ने विश्वास जताया कि जनता भाजपा के इन हथकंडों को समझ चुकी है। बंगाल और राजस्थान दोनों जगह बदलाव की लहर है।

उन्होंने कहा कि माइनॉरिटी मोहल्लों में वोट डालने से रोकने की कोशिशें की गईं, फिर भी परिणाम भाजपा के खिलाफ आएंगे।

डोटासरा ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और कांग्रेस जनता की आवाज उठाती रहेगी।

निष्कर्ष

गोविंद सिंह डोटासरा के इन तीखे हमलों ने राजस्थान की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। भ्रष्टाचार और संविदा भर्ती के मुद्दों पर सरकार को अब जवाब देना होगा।

आने वाले दिनों में इन आरोपों के चलते सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने की उम्मीद है।

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