जयपुर, 3 अक्टूबर 2026। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव का इंतजार खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान किया।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 28 नवंबर 2026 तक संपन्न कराने का लक्ष्य रखा है।
चार चरणों में होंगे पंच और सरपंच के चुनाव
राजस्थान की ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पद के चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 25 अक्टूबर को होगा, जबकि चौथे और अंतिम चरण के लिए 16 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।
- पहला चरण—25 अक्टूबर: 3,672 ग्राम पंचायतों के 10,857 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे।
- दूसरा चरण—31 अक्टूबर: 3,626 ग्राम पंचायतों के 11,763 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा।
- तीसरा चरण—6 नवंबर: 3,605 ग्राम पंचायतों के 11,566 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे।
- चौथा चरण—16 नवंबर: 3,500 ग्राम पंचायतों के 11,198 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा।
चारों चरणों में कुल 45,384 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। पंच और सरपंच पद के लिए मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित मतदान केंद्रों पर ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी।
पंचायत समिति सदस्यों के लिए तीन चरणों में मतदान
पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान तीन चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण का मतदान 13 अक्टूबर, दूसरे चरण का मतदान 16 अक्टूबर और तीसरे चरण का मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा।
आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू
पंचायती राज चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता प्रभावी रहने के दौरान राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नए विकास कार्यों की घोषणा नहीं कर सकेगी। नए कार्यादेश जारी करने पर भी राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश लागू होंगे।
EVM और मतपत्र दोनों से होंगे चुनाव
इस बार पंचायती राज चुनाव में हाइब्रिड मतदान व्यवस्था अपनाई जाएगी। सरपंच और वार्ड पंच पद के चुनाव मतपत्र से कराए जाएंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए EVM का इस्तेमाल किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव ‘वन स्टेट—वन इलेक्शन’ की अवधारणा के तहत एक साथ कराए जा रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि आयोग राजस्थान में ‘वन स्टेट—वन इलेक्शन’ की अवधारणा को क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
28 नवंबर तक पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की पूरी प्रक्रिया 28 नवंबर 2026 तक संपन्न करा ली जाएगी। कार्यक्रम घोषित होने के बाद मतदान केंद्रों, चुनाव कर्मचारियों, मतपत्रों, EVM, सुरक्षा व्यवस्था और मतगणना से संबंधित तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
इन जिलों की कुछ संस्थाओं में बाद में होंगे चुनाव
बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा जिलों की कुछ पंचायती राज संस्थाओं का कानूनी कार्यकाल अभी शेष है। इसलिए इन संस्थाओं के चुनाव 22 दिसंबर 2026 के बाद कराए जाएंगे। इनका विस्तृत चुनाव कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अलग से जारी किया जाएगा।
ग्रामीण राजस्थान में तेज हुई चुनावी गतिविधियां
चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों के साथ सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पद के संभावित दावेदार चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं।
ग्राम पंचायत स्तर पर आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद संभावित उम्मीदवारों ने मतदाताओं से संपर्क करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की संगठनात्मक बैठकें, उम्मीदवार चयन और प्रचार अभियान तेज होने की संभावना है।