जयपुर | राजस्थान में पंचायत चुनाव का औपचारिक आगाज हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले चरण के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश की 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों में सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
नामांकन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
जिला परिषद सदस्यों के लिए जिला स्तर पर नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। वहीं पंचायत समिति सदस्यों के लिए उपखंड स्तर पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार इस तिथि तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।
ग्राम पंचायत चुनाव का कार्यक्रम
पहले चरण में ही 3314 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव भी संपन्न होने हैं। इनके लिए नामांकन की प्रक्रिया मतदान से ठीक एक दिन पहले पूरी होगी।
आयोग के अनुसार, पंच-सरपंच पद के लिए नामांकन प्रक्रिया 23 अक्टूबर को संपन्न की जाएगी। इसके बाद मतदान की तैयारी शुरू होगी।
चुनाव चरणों का विस्तृत विवरण
राजस्थान की लगभग आधी यानी 6940 ग्राम पंचायतों को इसी महीने नए पंच, सरपंच और उपसरपंच मिल जाएंगे। आयोग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, पहले चरण की 3314 ग्राम पंचायतों में 25 अक्टूबर को चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
इसके बाद दूसरे चरण की बारी आएगी। दूसरे चरण की 3626 ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर को मतदान और चुनाव की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।
शेष दो चरणों के चुनाव अगले महीने आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन इन चरणों के लिए भी सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहा है।
मतदान कर्मियों के लिए विशेष सुविधाएं
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान दलों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा है। सुरक्षाकर्मियों सहित मतदान दल के कर्मचारियों को अब अपने साथ बिस्तर नहीं ले जाने होंगे।
आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान कर्मियों के लिए गद्दे, चद्दर और तकिया की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
भत्ते और भोजन की व्यवस्था
मतदान कर्मी चुनाव ड्यूटी के दौरान करीब पांच दिन तक रुकेंगे। इसको देखते हुए उनके लिए कुक और हेल्पर की व्यवस्था भी जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे।
इस व्यवस्था का खर्च मतदानकर्मी स्वयं वहन करेंगे। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक मतदानकर्मी को 2200 से 3450 रुपए तक का भुगतान किया जाएगा।
आयोग की ओर से प्रत्येक दल को पांच दिन के खर्च के लिए कुल 17650 रुपए दिए जाएंगे। यह राशि विभिन्न व्यवस्थाओं पर खर्च की जाएगी।
एक दल में सहायक मतदान अधिकारी से लेकर रिटर्निंग अधिकारी तक कुल 6 कर्मचारी शामिल होंगे। इन सभी को प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2550 रुपए मिलेंगे।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंध
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसके लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं।
- सरकारी कर्मचारियों के अवकाश और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- प्रचार वाहन, सभा और जुलूस के आयोजन के लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
- BNSS की धारा 163 के तहत हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर सख्त रोक लगा दी गई है।
- सरपंच प्रत्याशियों के लिए प्रचार का समय सीमित रहेगा और विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी।
- सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।
- मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे घोषित किया गया है।
- प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के राजनीतिक आयोजन पर पाबंदी रहेगी।
प्रशासन इन आदेशों के जरिए चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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