जयपुर | राजस्थान में पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्वाचन विभाग तैयारियों में जुट गया है। इसी क्रम में मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं।
पोलिंग एजेंटों की नियुक्ति के लिए नई गाइडलाइन
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान अभिकर्ताओं (पोलिंग एजेंट) की नियुक्ति को लेकर स्पष्ट आदेश दिए हैं। इन नियमों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने बताया कि मतदान दिवस पर व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पंच पद के लिए नहीं होगा कोई एजेंट
आयोग के निर्देशों के अनुसार, पंच पद के लिए अलग से कोई मतदान अभिकर्ता नियुक्त नहीं किया जाएगा।
इस पद के लिए चुनाव लड़ने वाला अभ्यर्थी स्वयं ही मतदान केंद्र पर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।
वहीं सरपंच पद के लिए भी कोई पृथक निर्वाचन अभिकर्ता नियुक्त करने का प्रावधान नहीं है।
इन पदों के लिए नियुक्त किए जा सकेंगे एजेंट
आयोग ने अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए एजेंट नियुक्त करने की अनुमति प्रदान की है।
निम्नलिखित पदों के प्रत्याशी हर मतदान केंद्र पर एक पोलिंग एजेंट रख सकेंगे:
- सरपंच पद के उम्मीदवार
- पंचायत समिति सदस्य के प्रत्याशी
- जिला परिषद सदस्य के उम्मीदवार
अभ्यर्थी या उसका चुनाव एजेंट ही इस नियुक्ति को अधिकृत कर सकेगा।
जयपुर जिले की इन समितियों में बढ़ी हलचल
निर्देशों के बाद जयपुर जिले की कई पंचायत समितियों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
- बस्सी और तूंगा पंचायत समिति
- चाकसू और कोटखावदा क्षेत्र
- जमवारामगढ़ और आंधी पंचायत समिति
इन क्षेत्रों के संभावित प्रत्याशियों ने अपनी तैयारियां और एजेंटों का चयन शुरू कर दिया है।
पोलिंग एजेंट के लिए पात्रता और नियम
आयोग ने पोलिंग एजेंट बनने के लिए कड़ी शर्तें निर्धारित की हैं। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि एजेंट उसी पंचायत क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए।
किसी बाहरी पंचायत के व्यक्ति को एजेंट के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अनिवार्य दस्तावेज और पहचान पत्र
मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश के लिए वैध पहचान पत्र होना आवश्यक है। एजेंटों को निम्नलिखित में से कोई एक दस्तावेज साथ रखना होगा:
- पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड
- आयोग द्वारा मान्य अन्य फोटो पहचान पत्र
ड्यूटी के दौरान नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र मांग पर दिखाना अनिवार्य होगा।
इन लोगों पर रहेगी पोलिंग एजेंट बनने पर रोक
निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग ने एक लंबी सूची जारी की है। निम्नलिखित श्रेणियों के लोग मतदान अभिकर्ता नहीं बन सकेंगे:
- केंद्र या राज्य सरकार के मंत्री
- सांसद और विधायक (MLA)
- स्थानीय निकायों के निर्वाचित पदाधिकारी
- सरकारी या अर्द्धसरकारी संस्थानों के कर्मचारी
- सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारी
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मानदेय प्राप्त व्यक्ति
- पैरामेडिकल और हेल्थ केयर स्टाफ
- उचित मूल्य की दुकान के डीलर
इसके अलावा चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी भी एजेंट नहीं बन पाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते नियमों के अनुसार नियुक्तियां कर लें।
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