राजनीति

राजस्थान: पंचायती राज चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में मतदान

बलजीत सिंह शेखावत · 03 अक्टूबर 2026, 04:05 दोपहर
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 4 चरणों में मतदान की घोषणा की है। इसके साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

जयपुर | राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का आधिकारिक ऐलान हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की जयपुर में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी। इस दौरान आयोग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

चुनाव कार्यक्रमों की इस औपचारिक घोषणा के साथ ही पूरे ग्रामीण राजस्थान में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

सरकारी तबादलों और नई नीतिगत घोषणाओं पर रोक लग गई है। आयोग को अपनी पूरी चुनावी प्रक्रिया 15 नवंबर से पहले हर हाल में पूरी करनी है।

चुनाव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव कुल चार चरणों में संपन्न कराए जाएंगे। प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

मतदान के चार चरण

नामांकन और नाम वापसी की तिथियां

पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर और नाम वापसी 15 अक्टूबर तय की गई है।

दूसरे चरण के लिए 13 अक्टूबर तक नामांकन और 19 अक्टूबर तक नाम वापसी हो सकेगी।

तीसरे चरण में 19 अक्टूबर तक नामांकन और 26 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया होगी।

चौथे चरण के लिए 21 अक्टूबर तक नामांकन और 6 नवंबर तक नाम वापसी का समय दिया गया है।

पदों का गणित और चुनावी पैमाना

इस बार के पंचायती राज चुनावों का पैमाना बेहद व्यापक है। राज्य के करीब 4.03 करोड़ पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

इन चुनावों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोग कुल 1.69 लाख से अधिक प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।

विभिन्न पदों का विवरण

आरक्षण और सामाजिक न्याय

लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान सख्ती से लागू रहेगा।

सरपंच पदों के लिए एसटी के लिए 3,058, एससी के लिए 2,493 और ओबीसी के लिए 1,961 पद आरक्षित किए गए हैं।

बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जिलों में एसटी के सभी 1,253 सरपंच पद पूरी तरह आरक्षित रहेंगे।

वार्ड पंचों के लिए आरक्षण

वार्ड पंचों के स्तर पर एससी के लिए 21,962 और एसटी के लिए 19,117 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।

ओबीसी वर्ग के लिए करीब 15,000 वार्ड आरक्षित रखे गए हैं।

मतदान की पद्धति और मतदाता आंकड़े

सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव बैलेट पेपर से होगा। यह चुनाव बिना किसी राजनीतिक दल के सिंबल के लड़े जाएंगे।

पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव EVM से होंगे। ये मुकाबले दलीय आधार पर यानी पार्टी सिंबल पर होंगे।

मतदाता सांख्यिकी

कुल वोटरों में 51.82% पुरुष और 48.18% महिला मतदाता शामिल हैं।

जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख वोटर हैं, जबकि जैसलमेर में सबसे कम 4.36 लाख वोटर हैं।

आचार संहिता और राजनीतिक मुकाबला

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही मंत्रियों के सरकारी वाहनों और सरकारी गेस्ट हाउस के इस्तेमाल पर पाबंदी लग गई है।

कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली में जिला प्रमुख और प्रधानों के चुनाव 22 दिसंबर को होंगे।

मैदान में प्रमुख राजनीतिक दल

मुख्य मुकाबलों में भाजपा और कांग्रेस के अलावा सीपीआईएम, आरएलपी, भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) सक्रिय हैं।

बसपा, आरएलडी और आम आदमी पार्टी जैसे दल भी अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

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