जयपुर | राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए सहकारिता विभाग ने अनूठी पहल की है। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बुधवार को ‘परिंडा बांधो अभियान’ का विधिवत शुभारम्भ किया।
यह अभियान अपेक्स बैंक परिसर से शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य तपती धूप में पक्षियों को शीतल जल और दाना उपलब्ध कराना है। सहकारिता मंत्री की प्रेरणा से विभाग ने यह जिम्मेदारी उठाई है।
प्रदेशव्यापी नेटवर्क का होगा उपयोग
सहकारिता विभाग अपने विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाएगा। इसमें विभागीय कार्यालयों, सहकारी संस्थाओं और बैंक शाखाओं को पूरी तरह शामिल किया गया है।
अभियान के तहत भवनों की छतों, पेड़ों की शाखाओं और छायादार स्थानों पर मिट्टी के परिंडे लगाए जाएंगे। साथ ही पक्षियों के लिए नियमित चुग्गे की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि उन्हें भोजन मिल सके।
शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने नेहरू सहकार भवन में खुद परिंडे बांधकर इस नेक कार्य को आगे बढ़ाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए।
नियमित सफाई और स्वच्छता पर जोर
डॉ. शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लगाए गए परिंडों की प्रतिदिन सफाई की जानी चाहिए। पक्षियों को हमेशा स्वच्छ पेयजल मिलना चाहिए ताकि वे बीमारियों से सुरक्षित रह सकें और स्वस्थ रहें।
"सहकारिता विभाग अपने विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से इस अभियान को जन-आन्दोलन का स्वरूप देगा। प्राकृतिक पर्यावरण और जीव-जंतुओं का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य है।"
पानी को प्रतिदिन बदलना अनिवार्य होगा। इससे मच्छरों के पनपने और जलजनित बीमारियों का खतरा काफी कम रहेगा। विभाग ने इसमें आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का विशेष आह्वान किया है।
किसानों और पशुपालकों को प्रेरणा
सहकारी समितियों से जुड़े लाखों किसानों और पशुपालकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। उन्हें अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थलों पर परिंडे रखने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाएगा।
अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। भामाशाहों और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी इस पुण्य कार्य में सक्रिय सहयोग मांगा गया है।
कार्यालयों में आगंतुकों के लिए सुविधाएं
भीषण गर्मी को देखते हुए विभाग ने कार्यालयों में आने वाले किसानों और उपभोक्ताओं का भी विशेष ध्यान रखा है। सभी केंद्रों पर स्वच्छ और शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
समिति परिसरों में छायादार विश्राम स्थल और बैठने की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शासन सचिव ने मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए आमजन को राहत पहुंचाने में योगदान देने की अपील की है।
यह अभियान केवल पक्षियों को राहत देने तक सीमित नहीं है। यह समाज में करुणा, संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है।
राजस्थान की सांस्कृतिक परंपराएं हमेशा से जीव-दया को सर्वोपरि मानती आई हैं। सहकारिता विभाग की यह पहल इसी गौरवशाली परंपरा को आज के समय में मजबूती से जीवंत करने का प्रयास कर रही है।
इस अभियान की सफलता से न केवल हजारों बेजुबान पक्षियों की जान बचेगी, बल्कि समाज में सकारात्मकता का संचार होगा। विभाग इस पुनीत कार्य को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से लागू कर रहा है।
अंततः यह पहल प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाती है। हम सभी को मिलकर इस गर्मी में बेजुबान परिंदों का सहारा बनना चाहिए ताकि पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बना रहे।
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