राजस्थान

राजस्थान: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल

बलजीत सिंह शेखावत · 25 मई 2026, 10:45 दोपहर
राजस्थान में पेट्रोल ₹2.82 और डीजल ₹2.72 महंगा, जनता परेशान।

जयपुर | राजस्थान की जनता के लिए आज सुबह-सुबह तेल कंपनियों की तरफ से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं।

अगर आप आज अपने वाहन में ईंधन भरवाने के लिए घर से बाहर निकलने वाले हैं, तो अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए।

मरुधरा में महंगाई का ग्राफ अब आम आदमी के नियंत्रण से पूरी तरह बाहर होता नजर आ रहा है।

वैश्विक बाजारों और घरेलू तेल कंपनियों के नए रणनीतिक फैसलों के बाद आज यानी 25 मई 2026 को राजस्थान में पेट्रोल और डीजल के दामों में भयंकर आग लग चुकी है।

तेल कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी

ताजा अपडेट के मुताबिक, पेट्रोल की कीमतों में सीधे ₹2.82 प्रति लीटर का रिकॉर्ड उछाल आया है।

वहीं, डीजल के दामों में ₹2.72 प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस झटके ने राज्य के मध्यमवर्गीय परिवारों और रोज कमाने-खाने वाले बाइक चालकों की रातों की नींद उड़ा दी है।

माल ढुलाई से जुड़े पूरे ट्रांसपोर्ट जगत में इस फैसले के बाद हड़कंप मच गया है।

12 दिनों का गणित: लगातार बढ़ती कीमतें

यह कोई पहली बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि पिछले दो हफ्तों से आम उपभोक्ताओं को लगातार किस्तों में लूटा जा रहा है।

पिछले 12 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो तेल कंपनियों ने तेल की कीमतों को एक ऊंचे मुकाम पर पहुंचा दिया है।

इन 12 दिनों के भीतर डीजल की कीमतों में कुल ₹7.57 प्रति लीटर की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इतने कम समय में इतनी बड़ी वृद्धि ने आर्थिक विशेषज्ञों को भी गहरी चिंता में डाल दिया है।

आम आदमी और परिवहन पर सीधा असर

लगातार हो रही इस मूल्य वृद्धि के कारण रसोई के बजट पर सीधा नकारात्मक असर पड़ रहा है।

बाजार में आने वाली हरी सब्जियों और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी आनुपातिक रूप से बढ़ने शुरू हो गए हैं।

ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने के कारण अब हर वस्तु की लागत में इजाफा होना पूरी तरह से तय माना जा रहा है।

"ईंधन की कीमतों में यह बेतहाशा वृद्धि आम आदमी की कमर तोड़ देगी और बाजार में मंदी ला सकती है।"

प्रीमियम पेट्रोल भी छू रहा है आसमान

सिर्फ सामान्य ईंधन ही नहीं, बल्कि प्रीमियम पेट्रोल (XP) की कीमतें भी अब आसमान छू रही हैं।

हाई-परफॉरमेंस वाहनों का उपयोग करने वाले चालकों के लिए अब सफर करना बेहद खर्चीला और मुश्किल हो गया है।

तेल कंपनियों का तर्क है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता के कारण यह कठोर कदम उठाना पड़ा है।

हालांकि, विपक्षी दल और सामाजिक संगठन इस भारी वृद्धि को लेकर अब बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।

निष्कर्ष और भविष्य की चिंताएं

राजस्थान में ईंधन की ये कीमतें अब तक के उच्चतम ऐतिहासिक स्तर के करीब पहुंच गई हैं।

यदि कीमतों पर जल्द लगाम नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में सार्वजनिक परिवहन का किराया भी बढ़ सकता है।

फिलहाल, जनता को राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है और लोग सरकार की ओर देख रहे हैं।

आम जनता अब उम्मीद कर रही है कि शायद राज्य सरकार वैट में कुछ कटौती करके उन्हें थोड़ी राहत प्रदान करे।

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