जयपुर | राजस्थान में आज सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ईंधन की कीमतों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। कहीं कीमतों में हल्की गिरावट आई है, तो कहीं मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेल कंपनियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राजधानी जयपुर में आज पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम थोड़े कम हुए हैं। इससे स्थानीय वाहन चालकों को मामूली राहत मिली है।
जयपुर और अजमेर का हाल
जयपुर में पेट्रोल की कीमत अब ₹104.94 प्रति लीटर हो गई है। डीजल की बात करें तो यह ₹90.41 प्रति लीटर पर बिक रहा है। पिछले दिन के मुकाबले पेट्रोल में 9 पैसे और डीजल में 8 पैसे की कमी आई है। वहीं अजमेर में बड़ी राहत देखने को मिली है। यहाँ पेट्रोल ₹104.36 प्रति लीटर मिल रहा है, जो ₹0.88 सस्ता हुआ है। डीजल भी ₹0.80 की गिरावट के साथ ₹89.88 प्रति लीटर पर आ गया है।
इन शहरों में बढ़ गए दाम
राजस्थान के कुछ शहरों में आज तेल महंगा भी हुआ है। अलवर में पेट्रोल के दाम ₹0.57 बढ़कर ₹105.40 हो गए हैं। भीलवाड़ा में भी ₹0.57 की तेजी आई है। बारां जिले में पेट्रोल ₹0.45 महंगा होकर ₹105.05 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इन शहरों में वाहन चलाने वालों को आज अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी होगी। तेल की कीमतों में यह बदलाव स्थानीय परिवहन लागत और डीलर कमीशन की वजह से भी होता है।
प्रमुख जिलों की रेट लिस्ट
राजस्थान के अन्य जिलों में भी कीमतों में अंतर साफ देखा जा सकता है। बीकानेर में पेट्रोल ₹106.20 और डीजल ₹91.50 के करीब है। जोधपुर में पेट्रोल ₹105.13 और डीजल ₹90.59 प्रति लीटर बिक रहा है। जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती इलाकों में परिवहन खर्च अधिक होने के कारण कीमतें ₹106 के पार बनी हुई हैं। श्रीगंगानगर में पेट्रोल की कीमतें प्रदेश में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक रहती हैं।
क्यों बदलती हैं कीमतें?
पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सबसे अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती या कमजोरी का भी असर पड़ता है। भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। केंद्र सरकार द्वारा लगाई जाने वाली एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकार का वैट (VAT) इसकी कीमत को काफी बढ़ा देते हैं। राजस्थान में वैट की दरें अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक हैं।
आम आदमी पर असर
ईंधन की कीमतों में होने वाली मामूली वृद्धि भी आम आदमी के बजट को बिगाड़ देती है। जब डीजल महंगा होता है, तो माल ढुलाई की लागत बढ़ जाती है। इसका सीधा असर फल, सब्जी और दूध जैसी जरूरी चीजों की कीमतों पर पड़ता है। किसानों के लिए भी डीजल महंगा होना खेती की लागत बढ़ा देता है। टैक्सी और ऑटो चालकों की कमाई पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए महीने का बजट संतुलित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी बातें
अगर आप आज लंबी यात्रा पर निकल रहे हैं, तो अपने शहर के ताजा रेट जरूर चेक कर लें। राजस्थान के अलग-अलग जिलों में कीमतों में 2 से 3 रुपये तक का अंतर हो सकता है। आप तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप या एसएमएस के जरिए भी अपने शहर के रेट जान सकते हैं। अच्छी माइलेज के लिए वाहन की समय पर सर्विसिंग कराएं। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता है, लेकिन आने वाले समय में वैश्विक हालातों के अनुसार कीमतें बदल सकती हैं।