राजस्थान

राजस्थान पुलिस का महा-अभियान: राजस्थान पुलिस की नाकाबंदी: 274 गिरफ्तार, 11 हजार चालान

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 19 मई 2026, 11:24 दोपहर
डीजीपी के निर्देश पर प्रदेशभर में 810 पॉइंट्स पर सघन चेकिंग, अपराधियों में मचा हड़कंप।

जयपुर | राजस्थान पुलिस ने प्रदेश में अपराधियों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर दो दिवसीय सघन नाकाबंदी अभियान चलाया गया, जिसने असामाजिक तत्वों में हड़कंप मचा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का संदेश दिया गया है।

810 पॉइंट्स पर 47 हजार वाहनों की सघन जांच

एडीजी वी के सिंह ने बताया कि यह अभियान शनिवार शाम और रविवार सुबह दो चरणों में चलाया गया। इसमें भरतपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, जोधपुर और जयपुर रेंजों के प्रमुख मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी गई। पुलिस बल ने सड़कों पर उतरकर हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी।

पुलिस ने इस दौरान कुल 810 नाकाबंदी पॉइंट्स लगाए। इन पॉइंट्स पर 24,573 दोपहिया और 22,531 चौपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। पुलिस की इस मुस्तैदी से सड़क पर चलने वाले संदिग्धों और नियमों का उल्लंघन करने वालों में डर का माहौल साफ देखा गया।

ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर कड़ा शिकंजा

अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और आमजन को सुरक्षित महसूस कराना भी था। पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों से लेकर बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वालों तक, किसी को भी नहीं बख्शा। प्रदेश भर में कुल 11,504 चालान काटे गए।

आंकड़ों के अनुसार, 757 लोग नशे में धुत्त होकर वाहन चलाते पकड़े गए, जो सड़क हादसों का बड़ा कारण बनते हैं। वहीं, 1667 बिना हेलमेट और 1484 बिना सीट बेल्ट वाले चालक रडार पर आए। मोबाइल पर बात करने वाले 191 लोगों पर भी कार्रवाई हुई।

इसके अलावा, 1017 वाहनों से काली फिल्म हटवाई गई और 1438 संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहनों को पकड़ा गया। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि यातायात नियमों का उल्लंघन अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

274 अपराधियों की गिरफ्तारी और अवैध सामान की जब्ती

सिर्फ ट्रैफिक ही नहीं, पुलिस ने अपराध नियंत्रण पर भी बड़ा प्रहार किया। अभियान के दौरान 274 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से कई शातिर अपराधी और तस्कर शामिल हैं, जो लंबे समय से पुलिस की नजरों से बच रहे थे।

पुलिस ने आर्म्स एक्ट के 12, आबकारी अधिनियम के 41 और एनडीपीएस एक्ट के 10 मामले दर्ज किए। इसके अलावा, 62 अन्य स्थानीय कानूनों के तहत भी सख्त कार्रवाई की गई। कुल 201 व्यक्तियों को निरोधात्मक कार्रवाई के तहत बीएनएसएस में पकड़ा गया।

कोटा और भरतपुर रेंज में अवैध हथियार और भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। कोटा में 5 धारदार हथियार और देशी शराब जब्त हुई, जबकि भरतपुर में 61 संदिग्ध वाहनों को सीज किया गया। पुलिस ने तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने का काम किया है।

अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार के संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

उदयपुर और अजमेर रेंज की कार्रवाई में जबरदस्त सक्रियता

कार्रवाई के मामले में उदयपुर रेंज सबसे अव्वल रही, जहां 2647 एमवी एक्ट की कार्रवाई हुई। अजमेर रेंज भी पीछे नहीं रही और वहां 2576 मामले दर्ज किए गए। इन दोनों रेंजों में पुलिस की सक्रियता ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं।

जयपुर रेंज में 1795 और कोटा में 1768 चालान काटे गए। जोधपुर और बीकानेर रेंजों में भी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए नियम तोड़ने वालों पर नकेल कसी। यह अभियान पूरे प्रदेश में एक साथ चला, जिससे अपराधियों को भागने का मौका नहीं मिला।

राजस्थान पुलिस का यह दो दिवसीय अभियान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की दिशा में एक बड़ा और सफल कदम है। इससे न केवल अपराधियों में खौफ पैदा हुआ है, बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा का भाव भी बढ़ा है।

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