राजस्थान

राजस्थान पुलिस का 'मेगा एक्शन': राजस्थान पुलिस का 'मेगा नाकाबंदी', 24 घंटे में 15000+ चालान

बलजीत सिंह शेखावत · 03 जून 2026, 03:19 दोपहर
DGP के निर्देश पर पूरे प्रदेश में 1103 नाके लगे। 74 हजार गाड़ियां जांचीं, 15 हजार से ज्यादा चालान काटे गए।

जयपुर | राजस्थान पुलिस ने अपराधियों और यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा 'मेगा नाकाबंदी' अभियान चलाया है। DGP राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर सोमवार को पूरे प्रदेश में एक साथ कार्रवाई हुई, जिससे केवल 24 घंटों में अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया।

पूरे प्रदेश में पुलिस की 'किलाबंदी'

इस महा-अभियान के लिए पूरे राजस्थान में कुल 1103 नाकाबंदी पॉइंट बनाए गए थे। अतिरिक्त महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) वीके सिंह ने बताया कि सभी रेंज और कमिश्नरेट में पुलिस की टीमें पूरी तरह मुस्तैद थीं।

पुलिस ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए कुल 74,872 वाहनों की सघन चेकिंग की। इनमें 39,984 दुपहिया और 34,888 चौपहिया वाहन शामिल थे।

इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए 226 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया।

नियम तोड़ने वालों पर रिकॉर्ड 15,000+ चालान

यह अभियान ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। पुलिस ने कुल 15,083 चालान काटे, जो एक दिन में एक रिकॉर्ड है।

किस नियम पर कितने चालान?

बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 3,234 और बिना सीट बेल्ट के 1,648 लोगों पर कार्रवाई हुई। वहीं, दोषपूर्ण नंबर प्लेट के लिए 1,653 चालान किए गए।

गाड़ियों पर काली फिल्म लगाने वाले 1,643 लोगों पर जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 385 चालकों को भी पकड़ा गया।

अतिरिक्त महानिदेशक वीके सिंह ने कहा, "यह अभियान अपराधियों को एक कड़ा संदेश देने और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए था।"

लाखों की नकदी, अवैध हथियार और ड्रग्स जब्त

यह सिर्फ ट्रैफिक चेकिंग तक सीमित नहीं था। पुलिस ने अपराधियों पर भी सीधा प्रहार किया। अभियान के दौरान 11 गाड़ियां जब्त की गईं और 73 नए मुकदमे दर्ज हुए।

जयपुर रेंज में पुलिस को सबसे बड़ी सफलता मिली, जहां 25.50 लाख रुपये की भारी नकदी और 5 वाहन जब्त किए गए।

वहीं, भरतपुर रेंज में अवैध रेत खनन में लगे ट्रैक्टर और भारी मात्रा में देशी शराब पकड़ी गई। कोटा और बीकानेर में भी डोडा चूरा और अवैध शराब जब्त हुई।

इस मेगा ऑपरेशन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान में अब अपराधियों और कानून तोड़ने वालों की खैर नहीं है। पुलिस की इस कार्रवाई से जहां अपराधियों में खौफ है, वहीं आम जनता ने राहत की सांस ली है। भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहने की उम्मीद है।

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