राजस्थान

राजस्थान पुलिस का एक्शन मोड: राजस्थान में पुलिस का एक्शन, पहले दिन 4869 चालान

बलजीत सिंह शेखावत · 06 जून 2026, 09:56 सुबह
राजस्थान पुलिस ने अवैध मॉडिफिकेशन, काली फिल्म और हूटर के खिलाफ 30 जून तक एक विशेष अभियान शुरू किया है।

जयपुर | राजस्थान की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस ने 30 जून तक एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसका मकसद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले लापरवाह ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई करना है। पुलिस इस दौरान जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।

पहले ही दिन 4869 वाहनों पर एक्शन

अभियान की शुरुआत के साथ ही पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि पहले ही दिन पूरे राज्य में 4869 वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए।

यह कार्रवाई मुख्य रूप से 6 गंभीर श्रेणियों में की गई, जो अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। पुलिस ने शुरुआती 3 दिन जागरूकता फैलाने के बाद यह एक्शन शुरू किया है।

इन नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई

काली फिल्म: सबसे ज्यादा 2246 चालान गाड़ियों पर लगी अवैध काली फिल्म के लिए किए गए। पुलिस ने मौके पर ही फिल्म को हटवाया।

नंबर प्लेट: गलत या डिजाइन वाली नंबर प्लेट लगाने पर 1372 वाहनों पर कार्रवाई हुई।

अवैध मॉडिफिकेशन: साइलेंसर और बॉडी बदलने जैसे अवैध संरचनात्मक बदलावों के लिए 512 वाहनों को पकड़ा गया।

अनाधिकृत लेखन: गाड़ी पर पद या जाति लिखने वाले 313 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।

अवैध बत्तियां और हूटर: वीआईपी कल्चर दिखाने के लिए अवैध लाल-नीली बत्ती और हूटर लगाने वाले 214 वाहन पकड़े गए।

प्रेशर हॉर्न: तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने पर 212 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया।

मॉडिफिकेशन पर गाड़ी सीज, लाइसेंस भी होगा रद्द

यातायात पुलिस ने चेतावनी दी है कि वाहन की मूल संरचना में किसी भी तरह का बदलाव गैर-कानूनी है। इससे वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में दर्ज जानकारी बदल जाती है।

यातायात विभाग के अनुसार, "युवाओं में बाइक के साइलेंसर या टायर बदलवाने का चलन है। ऐसे किसी भी मॉडिफिकेशन पर अब वाहन को सीधे सीज कर दिया जाएगा।"

पुलिस ने कहा कि पटाखे जैसी आवाज निकालने वाले साइलेंसर लगाने वालों पर विशेष नजर है। ऐसे मॉडिफिकेशन करने वाले गैरेज मालिकों को भी सख्त हिदायत दी गई है।

ड्राइविंग लाइसेंस होगा सस्पेंड

इस अभियान में केवल जुर्माना ही नहीं लगाया जा रहा है। अवैध हूटर, फ्लैशर और प्रेशर हॉर्न को मौके पर ही जब्त कर नष्ट किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि ये उपकरण ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ हादसों का भी कारण बनते हैं। इसलिए, नियम तोड़ने वाले ड्राइवर का लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड या स्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है।

सड़क सुरक्षा के लिए कड़ा संदेश

यह अभियान उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर रौब दिखाते हैं। पुलिस का लक्ष्य इस महीने के अंत तक यातायात अनुशासन में एक बड़ा सुधार लाना है।

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