राजनीति

राजस्थान: राजनीतिक नियुक्तियों की हलचल तेज, सूची दिल्ली भेजी

बलजीत सिंह शेखावत · 16 जुलाई 2026, 11:05 दोपहर
राजस्थान में विभिन्न बोर्डों और आयोगों में लंबित नियुक्तियों की कवायद तेज हो गई है। सरकार ने संभावित नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। जल्द ही नियुक्तियों की घोषणा होने की संभावना है।

राजस्थान | राजस्थान में विभिन्न बोर्ड, आयोग, निगम, प्राधिकरण, अकादमी और समितियों में लंबे समय से लंबित नियुक्तियों को लेकर कवायद तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने एक पैनल तैयार कर लिया है जिसे केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया गया है।

नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज, पैनल दिल्ली भेजा गया

राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए संभावित नामों के पैनल पर अब केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम सहमति का इंतजार है। माना जा रहा है कि वहां से हरी झंडी मिलते ही जल्द ही नियुक्तियों की घोषणा कर दी जाएगी।

सूत्रों का कहना है कि इन नामों का चयन करते समय संगठन की राय को भी महत्व दिया गया है, ताकि सत्ता और संगठन में तालमेल बना रहे।

संतुलन साधने का प्रयास

इस सूची को तैयार करते समय क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रयास किया गया है कि सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिल सके।

इस सूची में उन नेताओं के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो पिछले कुछ समय में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए थे।

इसके अलावा, लंबे समय से संगठन में सक्रिय और विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने वाले नेताओं को भी अवसर दिए जाने की चर्चा है।

राजस्थान की राजनीति की परंपरा

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान की राजनीति में यह एक परंपरा रही है। सरकारें अपने कार्यकाल के ढाई से तीन वर्ष पूरे होने के बाद राजनीतिक नियुक्तियों के माध्यम से संतुलन साधने का प्रयास करती हैं।

भाजपा सरकार भी अब अपने कार्यकाल के मध्य बिंदु को पार कर चुकी है, इसलिए कई महत्वपूर्ण पदों पर जल्द नियुक्तियां होने की संभावना जताई जा रही है।

वर्तमान में लोकायुक्त समेत कई महत्वपूर्ण संस्थाओं और आयोगों के शीर्ष पद खाली पड़े हैं। पूर्व में नियुक्तियों में देरी पर राजस्थान हाईकोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था।

पिछली कांग्रेस सरकार का हाल

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भी अपने कार्यकाल में 70 से अधिक नेताओं को विभिन्न पदों पर नियुक्तियां दी थीं। इनमें 4 नेताओं को कैबिनेट मंत्री और 31 से अधिक को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था।

इनमें से कई नियुक्तियां तो विधानसभा चुनाव से ठीक पहले की गई थीं, जिस कारण कुछ नेता चुनाव आचार संहिता लगने के चलते अपना कार्यभार भी नहीं संभाल सके थे।

हाल ही में हुई कुछ महत्वपूर्ण नियुक्तियां

राजस्थान सरकार अब तक करीब 12 महत्वपूर्ण नियुक्तियां कर चुकी है। हाल ही में 20 जून को प्रोफेसर संतोष आनंद और डॉ. दीपक कुमार शर्मा को आरपीएससी सदस्य नियुक्त किया गया है।

इसके साथ ही हनुमान सिंह राठौड़ को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में अरुण चतुर्वेदी की नियुक्ति अगस्त 2025 में हुई थी।

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