जयपुर | राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन करते हुए पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव में कमी होने पर विशेष छूट का प्रावधान किया है। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना गया है।
2026-27 में अधिकतम दो वर्ष की अनुभव छूट
अधिसूचना के अनुसार यदि किसी रिक्त पद को पदोन्नति के माध्यम से नहीं भरा जा सकता और निचले पद पर निर्धारित अनुभव अथवा सेवा अनुभव रखने वाले पात्र कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं, तो वर्ष 2026-27 के लिए अधिकतम दो वर्ष तक अनुभव में छूट दी जा सकेगी।
हालांकि, जिस पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव दो वर्ष है, वहां अधिकतम एक वर्ष की ही छूट दी जाएगी। इस प्रावधान का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में पदोन्नति प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना है।
पहले छूट का लाभ लेने वालों को नहीं मिलेगा लाभ
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अनुभव में यह विशेष छूट केवल उन कर्मचारियों को मिलेगी, जिन्होंने वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में अनुभव संबंधी ऐसी किसी छूट का लाभ नहीं लिया है।
इस प्रकार पिछले तीन वित्तीय वर्षों में समान प्रकार की अनुभव छूट प्राप्त कर चुके कर्मचारी इस विशेष प्रावधान के तहत दोबारा इसका लाभ नहीं ले सकेंगे।
वरिष्ठता विवाद होने पर कार्मिक विभाग करेगा निर्णय
पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची तैयार करते समय यदि वरिष्ठता को लेकर कोई विवाद या कठिनाई उत्पन्न होती है, तो संबंधित मामला निर्णय के लिए कार्मिक विभाग की ए-2 शाखा को भेजा जाएगा।
इस प्रावधान के माध्यम से वरिष्ठता से जुड़े मामलों में एकरूपता बनाए रखने और उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का विभागीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
दो सेवा नियमों में किया गया संशोधन
यह संशोधन राजस्थान लोक सेवा आयोग (राजपत्रित कर्मचारी) सेवा नियम, 1991 तथा राजस्थान लोक सेवा आयोग (मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ सेवा) नियम, 1999 में संबंधित प्रावधानों के तहत किया गया है।
संशोधित प्रावधान वर्ष 2026-27 की पदोन्नति प्रक्रिया में लागू होंगे और इनका प्रभाव 1 अप्रैल 2026 से माना गया है।