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राजस्थान का 18 साल का तिलिस्म: IPL 2026: क्या राजस्थान रॉयल्स तोड़ेगी 18 साल का रिकॉर्ड?

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 26 मई 2026, 10:09 दोपहर
आईपीएल के 18 साल के इतिहास में चौथे स्थान वाली टीम कभी नहीं बनी चैंपियन, क्या RR रचेगी इतिहास?

मुल्लांपुर | राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 की राह अब बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण मोड़ पर आ खड़ी हुई है। टीम ने लीग स्टेज के 14 मुकाबलों में से 8 में जीत दर्ज की है। इस प्रदर्शन के साथ संजू सैमसन की कप्तानी वाली टीम ने अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब एलिमिनेटर मुकाबले में उनका सामना सनराइजर्स हैदराबाद जैसी मजबूत टीम से होने वाला है।

आईपीएल का 18 साल पुराना तिलिस्म

आईपीएल के 18 साल के लंबे इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड रहा है जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया। पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर रहने वाली टीम कभी चैंपियन नहीं बनी। राजस्थान रॉयल्स इस सीजन में चौथे स्थान पर रही है। अगर वे खिताब जीतते हैं, तो यह आईपीएल इतिहास में पहली बार होगा जब चौथे स्थान की टीम ट्रॉफी उठाएगी। यह चुनौती राजस्थान के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। उन्हें न केवल अपनी फॉर्म बल्कि इतिहास के आंकड़ों से भी लड़ना होगा। फैंस को उम्मीद है कि टीम करिश्मा करेगी।

अंक तालिका का गणित और प्लेऑफ की जंग

इस सीजन में अंक तालिका की स्थिति काफी दिलचस्प रही है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम बेहतर नेट रन रेट के कारण पहले स्थान पर काबिज है। गुजरात टाइटंस दूसरे और सनराइजर्स हैदराबाद तीसरे स्थान पर है। इन तीनों ही टीमों ने 14 में से 9-9 मुकाबले जीते हैं, लेकिन रन रेट ने टीमों के बीच अंतर पैदा किया है। सनराइजर्स हैदराबाद को बेहतर प्रदर्शन के बावजूद तीसरे स्थान पर रहना पड़ा। अब उन्हें राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ एलिमिनेटर मैच खेलना होगा, जो मुल्लांपुर के मैदान पर आयोजित किया जाएगा।

क्या एलिमिनेटर खेलने वाली टीम जीत सकती है खिताब?

इतिहास गवाह है कि क्वालीफायर-1 जीतने वाली टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। 12 बार क्वालीफायर-1 की विजेता टीम ने ही फाइनल में जीत का परचम लहराया है। हालांकि, 7 बार ऐसा भी हुआ है जब क्वालीफायर-1 हारने वाली टीम ने वापसी की और ट्रॉफी जीती। लेकिन एलिमिनेटर खेलने वाली टीम के लिए रास्ता हमेशा कठिन रहा है। आईपीएल इतिहास में सिर्फ सनराइजर्स हैदराबाद ही ऐसी टीम रही है जिसने 2016 में एलिमिनेटर जीतकर खिताब जीता था। तब वे अंक तालिका में तीसरे स्थान पर मौजूद थे। क्रिकेट के मैदान पर आंकड़े मायने रखते हैं, लेकिन उस दिन का खेल ही विजेता तय करता है। राजस्थान को अपनी पूरी ताकत झोंकनी होगी।

राजस्थान रॉयल्स के लिए आगे का सफर

राजस्थान रॉयल्स को अगर चैंपियन बनना है, तो उन्हें अब लगातार तीन मैच जीतने होंगे। सबसे पहले उन्हें एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद को मात देनी होगी। इसके बाद क्वालीफायर-2 में उनका मुकाबला गुजरात टाइटंस या आरसीबी में से किसी एक से होगा। वहां जीत मिलने पर ही टीम फाइनल के भव्य मंच तक पहुंच पाएगी। टीम के पास यशस्वी जायसवाल और संजू सैमसन जैसे धुरंधर खिलाड़ी हैं। गेंदबाजी में भी टीम काफी संतुलित नजर आ रही है। बस उन्हें दबाव के क्षणों में खुद को संभालना होगा। राजस्थान रॉयल्स का लक्ष्य अब उस 18 साल पुराने सूखे को खत्म करना है। साल 2008 के बाद से टीम को अपनी दूसरी ट्रॉफी का बेसब्री से इंतजार है। क्या वे इतिहास बदल पाएंगे? यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या राजस्थान रॉयल्स मुल्लांपुर से शुरू होकर फाइनल की ट्रॉफी तक का सफर तय कर पाती है या इतिहास खुद को एक बार फिर दोहराता है।

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