आईपीएल 2026 में लगातार चार जीत के साथ अपने अभियान की शानदार शुरुआत करने वाली राजस्थान रॉयल्स का सफर शुक्रवार को क्वालीफायर-2 में समाप्त हो गया। गुजरात टाइटंस ने राजस्थान को 7 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जहां उसका मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा।
पराग ने बताई हार की वजह: क्वालीफायर-2 में गुजरात टाइटंस से हारकर राजस्थान रॉयल्स बाहर
राजस्थान एक समय 230 से 240 रन तक पहुंचने की स्थिति में दिखाई दे रही थी।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान रॉयल्स को क्वालीफायर-2 में गुजरात टाइटंस ने 7 विकेट से हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया। वैभव सूर्यवंशी ने 47 गेंदों में 96 रन बनाए, लेकिन राजस्थान का 214 रन का स्कोर नाकाफी साबित हुआ। शुभमन गिल के शानदार शतक की बदौलत गुजरात ने 18.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान रियान पराग ने माना कि 230+ का स्कोर और शुरुआती विकेट न ले पाना टीम की हार की बड़ी वजह रहा।
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पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 214 रन बनाए। टीम के लिए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 47 गेंदों में 96 रन की विस्फोटक पारी खेली। हालांकि, गुजरात टाइटंस ने इस लक्ष्य को 18.4 ओवर में सिर्फ 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। कप्तान शुभमन गिल के शानदार शतक ने राजस्थान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
मैच के बाद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने हार के कारणों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने माना कि टीम का स्कोर प्रतिस्पर्धी था, लेकिन इसे और बड़ा बनाया जा सकता था।
रियान पराग ने कहा,
“मुझे लगता है कि 215 का स्कोर बचाया जा सकता था, लेकिन दूसरी पारी में हेवी रोलर के इस्तेमाल से विकेट बल्लेबाजी के लिए और बेहतर हो गया। पहली पारी में स्पिनरों को थोड़ी मदद मिल रही थी और कुछ गेंदें रुककर आ रही थीं। ऐसे में यह स्कोर ठीक था, लेकिन हम इससे बेहतर स्थिति में हो सकते थे।”
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उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान एक समय 230 से 240 रन तक पहुंचने की स्थिति में दिखाई दे रही थी।
“बड़े मुकाबलों में 15-20 रन का अंतर काफी मायने रखता है। अगर हमारा स्कोर 230 या 240 होता तो उसका पीछा करना काफी मुश्किल हो जाता। लेकिन 215 के स्कोर के साथ, उनकी मजबूत बल्लेबाजी को देखते हुए हमें शुरुआती विकेट लेने की जरूरत थी, जो हम नहीं कर सके। इसके बाद मुकाबला हमारे हाथ से निकल गया।”
राजस्थान रॉयल्स की हार में फील्डिंग की गलतियां, डेथ ओवरों में अतिरिक्त रन देना और गुजरात के सलामी बल्लेबाजों को जल्दी आउट न कर पाना प्रमुख कारण रहे। अब टीम अगले सीजन की तैयारियों पर ध्यान देगी, जबकि गुजरात टाइटंस खिताब के लिए फाइनल में आरसीबी से भिड़ेगी।