राजस्थान

राजस्थान संपर्क 181: सुशासन का मॉडल: राजस्थान संपर्क 181: देश की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 29 अप्रैल 2026, 10:13 दोपहर
मुख्य सचिव और डीजीपी ने 181 हेल्पलाइन का निरीक्षण किया, 95% पुलिस शिकायतों का हुआ सफल समाधान।

जयपुर | राजस्थान में सुशासन और अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने मंगलवार को 'राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र' का सघन निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही की बारीकी से जांच करना था ताकि आमजन को त्वरित और प्रभावी राहत मिल सके।

देश की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली

मुख्य सचिव ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल की कार्यक्षमता पर गहरा संतोष व्यक्त किया और इसे तकनीकी रूप से सुदृढ़ और विश्वसनीय बताया। उन्होंने संदेश पट्ट पर लिखा कि यह पोर्टल "देश की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली" है, जो अन्य राज्यों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनके तार्किक समाधान तक की यह डिजिटल यात्रा शासन में जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत करती है।

डीजीपी के लिए 'आई-ओपनर' रहा अनुभव

पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने केंद्र में बैठकर शिकायतों की लाइव सुनवाई की और पूरी प्रक्रिया को धरातल पर समझने का एक अनूठा प्रयास किया। उन्होंने इस अनुभव को सार्वजनिक शिकायत निवारण के क्षेत्र में एक 'आई-ओपनर' बताया, जो पुलिस विभाग और जनता के बीच की दूरी कम करता है। हेल्पलाइन केंद्र का यह भ्रमण एक अत्यंत समृद्ध अनुभव रहा। सार्वजनिक शिकायत निवारण तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में यह प्रणाली मील का पत्थर साबित हो रही है।

लाइव केस स्टडी से समाधान की जांच

निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने जयपुर ग्रामीण के फागी वृत्त के एक परिवादी हेमराज बुनकर से फोन पर सीधे बात कर उनकी समस्या का फीडबैक लिया। हेमराज ने रेनवाल मांझी थाने में एफआईआर दर्ज न होने की शिकायत 181 पर की थी, जिस पर पोर्टल के माध्यम से तुरंत कार्रवाई हुई। वृत्ताधिकारी ने पोर्टल पर जानकारी दी कि शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर लिया गया है और फिलहाल इस पर पुलिस द्वारा अनुसंधान जारी है। इस मामले ने साबित किया कि 181 हेल्पलाइन आम आदमी की आवाज को सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का एक अत्यंत सशक्त माध्यम बन चुकी है।

समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश

डीजीपी राजीव शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाले परिवादों का सही श्रेणीकरण और सटीक सब्जेक्ट रिवीजन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतों की उचित लेवल मैपिंग पर भी जोर दिया ताकि सही समय पर सही अधिकारी द्वारा समस्या का गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जा सके। अधिकारियों को सर्विस डिलीवरी से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने और लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को जनता की समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील और तत्पर रहने की आवश्यकता है ताकि सुशासन का सपना साकार हो।

95 प्रतिशत शिकायतों का हुआ सफल निस्तारण

आंकड़ों की बात करें तो पिछले एक साल में पुलिस विभाग से संबंधित कुल 1,60,292 प्रकरण इस हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किए गए थे। इनमें से 1,52,444 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है, जो कुल शिकायतों का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा है। यह सफलता दर शिकायत निवारण प्रणाली की प्रभावशीलता और राजस्थान पुलिस की त्वरित कार्रवाई की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन आज राज्य में पारदर्शी शासन का आधार बन गई है, जिससे लाखों लोगों को समय पर न्याय और सहायता मिल रही है। मुख्य सचिव और डीजीपी का यह संयुक्त निरीक्षण भविष्य में व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और जन-केंद्रित बनाने में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होगा।

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