राजस्थान

181 हेल्पलाइन पर पशुपालकों की सुनवाई: राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर पशुपालकों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान, प्रमुख शासन सचिव विकास भाले ने सुनीं शिकायतें

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 17 अप्रैल 2026, 12:07 दोपहर
प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पशुपालकों और मत्स्य पालकों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

जयपुर | राजस्थान सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए अब सीधे धरातल पर उतर रही है। इसी कड़ी में पशुपालन, मत्स्य एवं गौ-पालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले ने बड़ा कदम उठाया है।

औचक निरीक्षण और सीधा संवाद

उन्होंने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल विभागीय प्रकरणों की समीक्षा की, बल्कि खुद फोन उठाकर परिवादियों से बात भी की। भाले ने निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज सभी शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का समाधान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

परिवादियों की सुनीं समस्याएं

निरीक्षण के दौरान चित्तौड़गढ़ के संजय कुमार ने बीसलपुर बांध में अवैध मत्स्य आखेट की शिकायत की। उन्होंने बताया कि लीज अवधि खत्म होने के बाद भी ठेकेदार सक्रिय हैं, जिससे काफी नुकसान हो रहा है। अलवर के देवेन्द्र ने अपने पालतू जानवर के इलाज में आ रही दिक्कतों को साझा किया। झुंझुनूं के अशोक कुमार ने पशुओं की जीवन रक्षक दवाइयों की कमी का मुद्दा उठाया, जो पशुपालकों के लिए चिंता का विषय है।

लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज

उदयपुर के देवी लाल ने डॉक्टरों की ड्यूटी से नदारद रहने की शिकायत की। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए भाले ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए और लापरवाहों को चेतावनी दी। दौसा के महेश ने वेटनरी कॉलेज में फंसी अपनी जमा राशि की मांग की। जयपुर के महेंद्र ने गौशाला अनुदान न मिलने का दुखड़ा सुनाया। सचिव ने मौके पर ही इन सभी फाइलों को क्लियर करने के निर्देश दिए।

ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस

कोटा के नवल ने बिना अनुमति गाय को टीका लगाने से उसके बीमार होने की जानकारी दी। सचिव ने तुरंत वहां मेडिकल टीम भेजने का आदेश दिया ताकि पशु की जान बचाई जा सके। भाले ने अधिकारियों से कहा कि हेल्पलाइन 181 पर प्राप्त सुझावों की नियमित समीक्षा की जाए। कॉल रिस्पॉन्स टाइम और समाधान की गुणवत्ता में सुधार लाना अब विभाग के लिए अनिवार्य होगा।

तकनीकी सुधार और AI का उपयोग

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की शिकायतों को प्राथमिकता देने और शिकायत निवारण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर जोर दिया। इससे सिस्टम में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे खुद परिवादियों से फीडबैक लें। यदि कोई अधिकारी बिना उचित समाधान के शिकायत को फॉरवर्ड करता है, तो उस पर विभाग द्वारा सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय प्रगति के चौंकाने वाले आंकड़े

पिछले एक साल के आंकड़े बताते हैं कि पशुपालन विभाग ने 17,977 शिकायतों में से 16,908 का समाधान किया है। औसत निस्तारण समय 18 दिन रहा है, जिसे और कम करने का लक्ष्य है। मत्स्य विभाग में 140 में से 122 और गोपालन विभाग में 1,024 में से 971 शिकायतों का निस्तारण हुआ। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन में भी 2,515 शिकायतों को सफलतापूर्वक हल किया गया है।

मुख्यमंत्री की पहल का असर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुसार, यह पहल नागरिकों को घर बैठे न्याय दिलाने की दिशा में मील का पत्थर है। सचिवों का सीधे जनता से जुड़ना प्रशासन में विश्वास पैदा कर रहा है। इस निरीक्षण के दौरान कॉल सेंटर की व्यवस्थाओं और स्टाफ की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया गया। भाले ने कहा कि पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी भी इसी हेल्पलाइन से दी जानी चाहिए।

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)