जयपुर | राजस्थान सरकार के शासन सचिव पीसी किशन ने सचिवालय स्थित 'राजस्थान सम्पर्क पोर्टल 181' हेल्पलाइन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सीधे परिवादियों से बात की और उनकी समस्याओं को सुनकर अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान सचिव ने बालोतरा के राजकुमार की शिकायत पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने ईएसआई औषधालय में तैनात डॉक्टर के खिलाफ मिली शिकायत की पुष्टि होने पर उन्हें तुरंत कार्यमुक्त कर दिया।
श्रमिकों की समस्याओं पर सीधा संवाद
सचिव ने विभिन्न जिलों के 12 परिवादियों से श्रमिक कल्याण, डायरी और मुआवजा संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रसूति सहायता और श्रमिक शिक्षा योजनाओं के लाभ में आ रही देरी को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिक कार्ड अपडेट करने की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया जाए। पीसी किशन ने 181 हेल्पलाइन पर श्रम विभाग और ईएसआईसी से जुड़े लंबित मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की।
सफलता की दर 95 प्रतिशत के पार
आरआईएसएल के महाप्रबंधक जी के शर्मा ने बताया कि विभाग ने शिकायतों के समाधान में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले एक साल में मिली 27,911 शिकायतों में से 26,528 का निस्तारण किया जा चुका है।
"आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।"
राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन के माध्यम से अब नागरिक बिना दफ्तरों के चक्कर काटे अपनी बात आसानी से रख रहे हैं। सचिवों का केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना प्रशासन की जवाबदेही को और अधिक मजबूत कर रहा है। इस व्यवस्था से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लग रही है। आमजन अब अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए 181 हेल्पलाइन पर पूरा भरोसा जता रहे हैं। यह पहल सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है, जिससे आम आदमी को सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी समीक्षा बैठक के दौरान मौजूद रहे।
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