जयपुर | राजस्थान सरकार प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए बड़े कदम उठा रही है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मणाई स्थित आदर्श विद्या मंदिर के वार्षिकोत्सव में शिक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे के लिए 2 हजार करोड़
मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि बजट घोषणा के अनुरूप विद्यालयों के अवसंरचना विकास के लिए 'विद्यालय आधारभूत संरचना कोष' की स्थापना की जाएगी। इस विशेष कोष के लिए 2 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है।
इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रदेश के 500 स्कूलों में 51.10 करोड़ रुपये की लागत से नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण शुरू किए जाएंगे।
अब स्कूलों में होगी एआई और स्मार्ट लर्निंग
विधि मंत्री ने आधुनिक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि राजस्थान के एक हजार विद्यालयों में एआई आधारित 'पर्सनलाइज्ड लर्निंग लैब्स' स्थापित की जाएंगी। यह तकनीक छात्रों को उनकी व्यक्तिगत क्षमता के अनुसार सीखने में मदद करेगी।
सरकार प्रदेश के 400 स्कूलों को 'सीएम-राइज' स्कूलों में भी क्रमोन्नत करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे सरकारी स्कूलों की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।
छात्राओं को मिल रही है बड़ी सौगात
मंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि अब तक 44 हजार से अधिक छात्राओं को स्कूटी वितरित की जा चुकी है। इसके साथ ही 13 लाख से अधिक छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गई हैं।
संस्कृति और संस्कारों का अनूठा संगम
जोगाराम पटेल ने विद्या भारती के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना पर जोर दिया।
विद्या भारती के विद्यालय हमारी सनातन संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय ज्ञान परंपरा के सच्चे संवाहक हैं, जो हमारे ऋषि-मुनियों की हजारों वर्षों की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस देश के बच्चे अपनी विरासत और गौरवशाली इतिहास को जानते हैं, उस देश के विकास की गति को दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती है।
भारत की सबसे बड़ी ताकत: युवा शक्ति
पटेल ने जोर देकर कहा कि भारत के पास वर्तमान में विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी है। यह युवा शक्ति ही वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगी।
उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे युवाओं में शिक्षा के साथ-साथ देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित कर रहे हैं। शिक्षक ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं।
प्रतिभावान विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। छात्र छत्रपाल को लैपटॉप और देरावरसिंह को टैबलेट प्रदान कर उनकी उपलब्धि को सराहा गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। घोष प्रदर्शन, नियुद्ध और डंबल्स के प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर कई संत और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राजस्थान सरकार का यह विजन शिक्षा और तकनीक का एक ऐसा संगम है, जो प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
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