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राजस्थान: स्कूलों का नया प्लान: राजस्थान स्कूल 2026-27: FLN और बुनियादी दक्षताओं पर जोर

महेन्द्रसिंह शेखावत · 17 अगस्त 2026, 06:34 शाम
बीकानेर: माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 2026-27 के लिए अकादमिक कार्ययोजना जारी की, जिसमें FLN और बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

बीकानेर |माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने आगामी शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए एक विस्तृत अकादमिक कार्ययोजना जारी की है। इस नई कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) को मजबूत करना है, साथ ही शिक्षण को गतिविधि आधारित बनाकर अधिक प्रभावी बनाना है।

अकादमिक कार्ययोजना 2026-27 का अनावरण

विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सिद्धांतों को प्राथमिकता दी गई है। इसका लक्ष्य राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।

कार्ययोजना में पढ़ना, लिखना और अंकगणितीय दक्षता विकसित करने को प्रमुख लक्ष्यों में शामिल किया गया है, ताकि शिक्षा की नींव को मजबूत किया जा सके।

मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (MSRA)

इस कार्ययोजना को 'मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान' (MSRA) के तहत लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके लिए विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।

FLN, CCE और ORF आधारित मूल्यांकन पर जोर

विद्यार्थियों में दक्षताओं के विकास के लिए फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

इसके साथ ही, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE), गतिविधि आधारित शिक्षण, दक्षता आधारित आकलन और मौखिक पठन प्रवाह (ORF) जैसी प्रक्रियाओं को भी शिक्षण-अधिगम का अभिन्न अंग बनाया गया है।

कार्ययोजना के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?

विभाग ने प्राथमिक शिक्षा की नींव को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास पर केंद्रित हैं।

ज्ञान को स्थायी बनाना

इसका एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों द्वारा अर्जित ज्ञान को स्थायी और प्रभावी बनाना है। इसके लिए FLN के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु एक ठोस कार्ययोजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

शिक्षण को रोचक बनाना

कार्ययोजना में गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से पढ़ाई को रोचक, आनंददायी और प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया है, ताकि बच्चे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें।

बुनियादी दक्षताओं में सुधार

उन विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिन्हें बुनियादी दक्षताओं को समझने में कठिनाई हो रही है। उन्हें अतिरिक्त सहायता प्रदान कर कक्षा स्तर के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

भविष्य के लिए कौशल विकास

बच्चों में 21वीं सदी के आवश्यक कौशल विकसित करना भी इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही, विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन और ठहराव में वृद्धि करने के प्रयास किए जाएंगे।

कक्षा 1 और 2 के लिए निपुणता लक्ष्य

अकादमिक कार्ययोजना में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 और 2 के निपुण लक्ष्यों को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।

कक्षा 1 के लिए लक्ष्य

कक्षा 1 के विद्यार्थियों के लिए मौखिक भाषा कौशल पर जोर दिया गया है। उनसे अपेक्षा की जाएगी कि वे अपनी पसंद, परिचित परिवेश और आसपास की चीजों के बारे में दोस्तों और शिक्षकों से खुलकर बातचीत करें और सवाल पूछें।

कक्षा 2 के लिए लक्ष्य

वहीं, कक्षा 2 के विद्यार्थियों के लिए लक्ष्य यह है कि वे कक्षा में उपलब्ध मुद्रित सामग्री को देखकर उसके बारे में आत्मविश्वास के साथ बातचीत कर सकें।

पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर समग्र विकास

इस कार्ययोजना का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में मूलभूत दक्षताओं, आत्मविश्वास, सीखने की रुचि और व्यावहारिक कौशल का विकास करना है। राजस्थान स्कूल शिक्षा के दिशा-निर्देशों में 2026-27 सत्र के लिए निपुण, एफएलएन और मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान से संबंधित गतिविधियों को प्रमुखता दी जा रही है।

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