बीकानेर |समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के तहत महात्मा गांधी विद्यालयों में संचालित बालवाटिकाओं के बच्चों के लिए ईसीसीई बाल मेले आयोजित किए जाएंगे। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के अनुरूप उठाया जा रहा है।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन बाल मेलों का आयोजन सत्र में दो बार किया जाएगा।
बाल मेले का उद्देश्य और तारीख
प्रथम बाल मेले के आयोजन के लिए संभावित तिथि 12 से 14 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
इन मेलों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आनंददायी, रचनात्मक और अनुभवात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करना है। इसके साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों की सीखने की प्रक्रिया से जोड़ना है।
कैसी होगी व्यवस्था?
प्रत्येक विद्यालय में कम से कम चार गतिविधि स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
मेले में होंगी ये गतिविधियां
मेले में संज्ञानात्मक विकास, सृजनात्मक गतिविधियां, भाषा विकास और बाहरी खेलों से संबंधित कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इनमें मिट्टी के खिलौने बनाना, ठप्पा पेंटिंग, कोलाज बनाना, कहानी-कविता सुनाना, कठपुतली अभिनय, पहेलियां, वस्तुओं की पहचान और विभिन्न स्थानीय खेल शामिल होंगे। आयोजनों में स्थानीय कला एवं समुदाय की प्रतिभाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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