राजस्थान

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा 2026-27: राजस्थान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा: 56 हजार बुजुर्गों को मौका

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 21 मई 2026, 11:27 दोपहर
देवस्थान विभाग जल्द शुरू करेगा आवेदन प्रक्रिया, 56 हजार बुजुर्गों को मिलेगी मुफ्त तीर्थ यात्रा।

जयपुर | राजस्थान सरकार ने प्रदेश के बुजुर्गों के लिए अपनी सबसे लोकप्रिय 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27' के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है।

देवस्थान विभाग जल्द ही इसके लिए आधिकारिक पोर्टल खोलने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

56,000 वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा मुफ्त तीर्थ यात्रा का लाभ

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में इस वर्ष की यात्रा के लिए बड़े निर्णय लिए गए हैं। इस साल कुल 56,000 बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन कराए जाएंगे।

इनमें से 50,000 बुजुर्गों को विशेष रेलगाड़ियों के माध्यम से विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। वहीं, 6,000 वरिष्ठ नागरिकों को हवाई जहाज के माध्यम से प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा।

अगले सप्ताह से 15 दिनों के लिए खुलेगा आवेदन पोर्टल

मंत्री कुमावत ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि अगले सप्ताह से विभागीय पोर्टल को 15 दिनों के लिए खोल दिया जाए। इससे इच्छुक बुजुर्ग समय पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे।

सरकार का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को अत्यंत सरल और सुगम बनाना है। ताकि प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को आवेदन करते समय कोई असुविधा न हो।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा: 5 जून को पहली ट्रेन

बैठक में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा' की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की गई। इसके तहत 5 जून 2026 को जयपुर से एक विशेष धार्मिक पर्यटक ट्रेन रवाना की जा रही है।

यह ट्रेन जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से दोपहर करीब 3 बजे प्रस्थान करेगी। इस यात्रा में प्रदेशभर के लगभग 1000 वरिष्ठ नागरिक शामिल होकर द्वारका और सोमनाथ का पुण्य लाभ कमाएंगे।

अजमेर और आबू रोड स्टेशनों पर भी होगा ठहराव

जयपुर से रवाना होने के बाद यह विशेष ट्रेन अजमेर और आबू रोड स्टेशनों पर भी रुकेगी। यहां से भी चयनित वरिष्ठ नागरिक ट्रेन में सवार होकर अपनी यात्रा शुरू कर सकेंगे।

इन दोनों महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव करीब 20 मिनट का रखा गया है। इस दौरान यात्रियों की बोर्डिंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं देवस्थान विभाग की टीम द्वारा पूरी की जाएंगी।

विस्तृत यात्रा कार्यक्रम: सोमनाथ से द्वारका तक का सफर

यह विशेष ट्रेन 6 जून को सुबह करीब 11:30 बजे सोमनाथ पहुंचेगी। वहां यात्रियों के लिए होटल में ठहरने और विश्राम की समुचित व्यवस्था देवस्थान विभाग द्वारा पहले से ही की गई है।

विश्राम के बाद यात्रियों को स्थानीय धार्मिक और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। 7 जून को सोमनाथ के शेष दर्शनीय स्थलों के दर्शन के बाद ट्रेन रात में द्वारका के लिए रवाना होगी।

द्वारकाधीश मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन

8 जून की सुबह करीब 6 बजे ट्रेन द्वारका स्टेशन पहुंचेगी। यात्रियों को तुरंत होटल ट्रांसफर किया जाएगा ताकि वे कुछ समय आराम कर सकें। इसके बाद द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन होंगे।

9 जून को दिनभर द्वारका के स्थानीय भ्रमण कार्यक्रम के बाद शाम करीब 6 बजे ट्रेन वापस जयपुर के लिए रवाना होगी। 10 जून को शाम 4 बजे तक यात्री सुरक्षित जयपुर पहुंच जाएंगे।

सुरक्षा और सुविधाओं के लिए किए गए विशेष प्रबंध

मंत्री कुमावत ने बताया कि इस विशेष ट्रेन में कुल 14 वातानुकूलित (AC) कोच लगाए जाएंगे। इसके साथ ही 2 पावर कार और 1 पैंट्री कार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

श्रद्धालुओं के लिए भोजन, होटल में ठहरने, स्थानीय परिवहन और दर्शनीय स्थलों के भ्रमण की पूरी जिम्मेदारी देवस्थान विभाग उठाएगा। पूरी यात्रा के दौरान बुजुर्गों को किसी भी प्रकार का खर्च नहीं करना होगा।

डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती रहेगी अनिवार्य

बुजुर्गों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में एक योग्य डॉक्टर और दो नर्सिंग कर्मचारी हमेशा उपलब्ध रहेंगे। हर कोच में दो अनुदेशक भी तैनात किए जाएंगे।

ये अनुदेशक पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों की सहायता करेंगे और उन्हें दर्शन संबंधी जानकारी देंगे। इसके अलावा एक वरिष्ठ ट्रेन प्रभारी पूरी व्यवस्था की पल-पल की निगरानी के लिए मौजूद रहेगा।

मंत्री का कड़ा संदेश: व्यवस्थाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

बैठक के दौरान मंत्री जोराराम कुमावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बुजुर्गों के सम्मान और सुविधा में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने विभाग और आईआरसीटीसी के बीच समन्वय पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी ने बजट में जो घोषणाएं की हैं, उन्हें धरातल पर उतारना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारे बुजुर्गों को सफर में घर जैसा माहौल और पूरा सम्मान मिलना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि देवस्थान विभाग और आईआरसीटीसी के अधिकारी आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर काम करें। किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को सरकार द्वारा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अन्य विभागीय योजनाओं और भर्ती प्रक्रिया पर चर्चा

बैठक में मंदिरों के जीर्णोद्धार, सिंधू दर्शन योजना और विभाग में नई भर्ती प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने लंबित कोर्ट केसेज को त्वरित गति से निपटाने के निर्देश भी दिए हैं।

ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन के कार्य में तेजी लाने और विभाग के कैडर रिव्यू की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने को कहा गया है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता और गति आएगी।

निष्कर्ष: बुजुर्गों के लिए आध्यात्मिक सौगात

राजस्थान सरकार की यह पहल प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी आध्यात्मिक सौगात है। मुफ्त तीर्थ यात्रा से न केवल उनकी आकांक्षाएं पूरी होंगी, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित सफर मिलेगा।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देवस्थान विभाग इस पूरी योजना को त्रुटिहीन बनाने के लिए संकल्पित है। आने वाले दिनों में हजारों बुजुर्ग इस योजना के माध्यम से अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे।

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