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राजस्थान

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा 2026: राजस्थान: 56,000 बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा

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राजस्थान सरकार 56,000 वरिष्ठ नागरिकों को कराएगी मुफ्त तीर्थ यात्रा, आवेदन 26 मई से।

HIGHLIGHTS

  • राजस्थान में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा के लिए 26 मई से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे।
  • कुल 56,000 बुजुर्गों का चयन होगा, जिसमें 50,000 ट्रेन और 6,000 हवाई यात्रा करेंगे।
  • नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के लिए हवाई यात्रा की विशेष सुविधा दी जाएगी।
  • चयन प्रक्रिया जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा कंप्यूटरीकृत लॉटरी से पूरी की जाएगी।
rajasthan senior citizen pilgrimage scheme 2026 online application

जयपुर | राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 का बिगुल फूंक दिया है। 26 मई से योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। इस वर्ष 56,000 बुजुर्गों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे।

योजना का विवरण और यात्रा माध्यम

राज्य सरकार 50,000 यात्रियों को वातानुकूलित (AC) ट्रेनों से देश के विभिन्न तीर्थों पर ले जाएगी। वहीं, 6,000 यात्रियों को हवाई मार्ग से नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर भेजा जाएगा।

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि पूरी यात्रा का खर्च सरकार उठाएगी। आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जो 15 दिनों तक खुला रहेगा।

चयन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

यात्रियों का चयन जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा कंप्यूटरीकृत लॉटरी के जरिए होगा। प्रत्येक जिले के लिए जनसंख्या और प्राप्त आवेदनों के आधार पर कोटा निर्धारित किया गया है।

आवेदकों को अपने सभी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए ताकि पोर्टल खुलते ही वे तुरंत फॉर्म भर सकें। जिला कलेक्टर की निगरानी में लॉटरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

आवेदन के लिए जनआधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, राजस्थान मूल निवासी प्रमाण पत्र और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य है। स्वास्थ्य संबंधी कड़े नियमों का पालन करना होगा।

स्वास्थ्य और सहायता के नियम

आवेदक का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। टीबी, गंभीर हृदय रोग और संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

"यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों में मेडिकल टीम और नर्सिंग स्टाफ तैनात रहेगा। बुजुर्गों को उत्तम भोजन और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।" - जोराराम कुमावत

70 वर्ष से अधिक आयु के अकेले यात्री अपने साथ एक सहायक ले जा सकते हैं। पति-पत्नी साथ यात्रा कर रहे हैं, तो उन्हें अलग से सहायक की अनुमति नहीं मिलेगी।

भविष्य का प्रभाव और निष्कर्ष

यह योजना राजस्थान के बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत है, जो आर्थिक कारणों से तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते। इससे राज्य के धार्मिक पर्यटन और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा मिलेगा।

यह योजना न केवल धार्मिक आस्था का सम्मान करती है बल्कि बुजुर्गों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। इससे हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान आएगी।

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