बीकानेर | शाला दर्पण पोर्टल में बार-बार आ रही तकनीकी खामियों के कारण प्रदेश के शिक्षक काफी परेशान हैं। पोर्टल के धीमा चलने, हैंग होने या कई बार बंद हो जाने से उनके दैनिक कार्यों में बाधा आ रही है।
इस समस्या को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) ने शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा निदेशक को एक पत्र भेजा है।
शिक्षकों पर बढ़ता अतिरिक्त दबाव
संघ के प्रदेश प्रवक्ता यतीश वर्मा ने बताया कि शिक्षकों के अधिकांश कार्य अब शाला दर्पण पोर्टल पर ही निर्भर हैं।
इनमें विद्यालयों के प्रवेश, छात्रों का नामांकन, उपस्थिति दर्ज करना, टीसी जारी करना, परीक्षा परिणाम तैयार करना, छात्रवृत्ति का प्रबंधन और अन्य विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्य शामिल हैं।
वर्मा ने कहा कि जब इन कार्यों की अंतिम तिथियां नजदीक होती हैं, तो पोर्टल की तकनीकी समस्याएं शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार और मानसिक दबाव बढ़ा देती हैं।
स्थायी समाधान की मांग
संघ ने पोर्टल के लिए एक स्थायी तकनीकी समाधान की मांग की है। जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ने कहा कि सर्वर की क्षमता को तत्काल बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और पोर्टल के नियमित मेंटेनेंस की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया।
वरिष्ठ प्रदेश मंत्री गुलाब नाथ योगी ने कहा कि शाला दर्पण को शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण डिजिटल आधारभूत संरचना के रूप में विकसित किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न हों।
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