जयपुर | राजस्थान में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में सेंध लगाने वालों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस बार एसओजी ने आरपीएससी (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के ड्राइवर को गिरफ्तार किया है।
SI भर्ती पेपर लीक: ड्राइवर गिरफ्तार: राजस्थान SI पेपर लीक: RPSC मेंबर के ड्राइवर की गिरफ्तारी
एसओजी ने बाबूलाल कटारा के ड्राइवर को किया गिरफ्तार, बेटे के लिए चुराया था पेपर।
HIGHLIGHTS
- एसओजी ने आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के ड्राइवर नादान सिंह को गिरफ्तार किया है।
- आरोपी ड्राइवर ने अपने बेटे अजय प्रताप को अवैध लाभ दिलाने के लिए पेपर लीक करवाया था।
- शिक्षक भर्ती परीक्षा में फोटो मैचिंग तकनीक से डमी अभ्यर्थी मनोहरलाल को पकड़ा गया।
- एसआई भर्ती 2021 मामले में अब तक कुल 141 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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एसआई भर्ती 2021: पिता-पुत्र की मिलीभगत का खुलासा
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के मुताबिक, आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन सरकारी वाहन चालक नादान सिंह राठौड़ को गिरफ्तार किया गया है। नादान सिंह अजमेर के गेगल का रहने वाला है।
नादान सिंह पर आरोप है कि उसने अपने पद और पहुंच का गलत इस्तेमाल किया। उसने अपने बेटे अजय प्रताप सिंह को पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर बनाने के लिए पेपर लीक की पूरी साजिश रची।
रिश्तेदारी और भ्रष्टाचार का खतरनाक गठजोड़
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जांच में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई कि बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र और उनके सटीक उत्तर अपने भांजे विजय कुमार डामोर को दे दिए थे।
यही लीक हुआ पेपर बाद में ड्राइवर नादान सिंह तक पहुंचा। नादान सिंह ने अपने बेटे अजय प्रताप को परीक्षा से ठीक पहले इन सवालों और जवाबों की अच्छे से तैयारी करवाई।
पेपर लीक की मदद से अजय प्रताप ने परीक्षा में असाधारण अंक हासिल किए। उसने हिंदी के पेपर में 200 में से 174.28 अंक प्राप्त किए, जबकि सामान्य ज्ञान में उसे 150.2 अंक मिले।
एसओजी की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
एसओजी ने आरोपी बेटे अजय प्रताप को पहले ही दबोच लिया था। अब उसके पिता नादान सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस भर्ती घोटाले में अब तक कुल 141 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
शिक्षक भर्ती में डमी अभ्यर्थी का खेल खत्म
एसओजी ने केवल एसआई भर्ती ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में भी बड़ी सफलता हासिल की है। यहां एक इनामी डमी अभ्यर्थी मनोहरलाल मांजू को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में पता चला कि मूल अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा ने मनोहरलाल को 5 लाख रुपये का लालच दिया था। मनोहरलाल ने अनिल की जगह परीक्षा दी और उसे विज्ञान शिक्षक के पद पर चयनित भी करवा दिया।
हाई-टेक तकनीक से खुली पोल
एएसपी प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एसओजी ने इस बार उन्नत फोटो मैचिंग तकनीक का सहारा लिया। इस तकनीक की मदद से डमी अभ्यर्थी मनोहरलाल की पहचान पक्की हुई और उसे जालौर से पकड़ा गया।
"राजस्थान पुलिस और एसओजी की टीमें हर उस व्यक्ति तक पहुंचेंगी जिसने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। हमारी जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।"
पेपर लीक से प्रभावित हुए थे लाखों युवा
गौरतलब है कि यह वही शिक्षक भर्ती परीक्षा है जिसका सामान्य ज्ञान का पेपर 24 दिसंबर 2022 को लीक हो गया था। इसके बाद परीक्षा निरस्त कर दोबारा 29 जनवरी 2023 को करानी पड़ी थी।
एसओजी अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य बिचौलियों और मास्टरमाइंड्स की तलाश कर रही है। सरकार का प्रयास है कि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।
राजस्थान के युवाओं के लिए यह खबर एक बड़ी राहत की तरह है। पेपर लीक माफियाओं पर लगातार हो रही कार्रवाई से सिस्टम में फिर से विश्वास बहाल होने की उम्मीद जागी है।
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