जयपुर | राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 को पूरी तरह रद्द कर दिया है। अब इस परीक्षा का आयोजन नए सिरे से किया जाएगा।
यह निर्णय पेपर लीक और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोपों के बाद लिया गया है। इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर डमी अभ्यर्थियों और पेपर लीक सिंडिकेट की मिलीभगत पाई गई थी।
सिंडिकेट के 90 संदिग्ध अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
एसओजी की जांच में खुलासा हुआ है कि पेपर लीक करने वाले गिरोह के 30 वांटेड और 90 संदिग्ध आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। इनमें 16 उप निरीक्षक भी शामिल हैं।
इस बड़े सिंडिकेट में 74 गैंग सदस्य, दलाल और अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं लेकिन कई मुख्य आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।
यूनिक भांभू और सुरेश ढाका की सरगर्मी से तलाश
पेपर लीक के मुख्य सूत्रधार यूनिक भांभू और सुरेश ढाका जैसे मोस्ट वांटेड अपराधी पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। इनकी गिरफ्तारी से पूरे सिंडिकेट के कई राज खुलेंगे।
इन दोनों की गिरफ्तारी पूरे नेटवर्क की परतों को खोलने के लिए आवश्यक है। इनके पकड़े जाने से राज्य की अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली का भी सच सामने आएगा।
मंत्रीमंडलीय समिति की सिफारिशें और सरकारी कार्रवाई
अक्टूबर 2024 में गठित मंत्रीमंडलीय समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट में परीक्षा दोबारा कराने का सुझाव दिया था। समिति ने संदिग्ध अभ्यर्थियों को तुरंत बर्खास्त करने की सिफारिश की थी।
जून 2025 की दूसरी रिपोर्ट में समिति ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निरस्त करने की बात कही। साथ ही पकड़े गए संदिग्धों को भविष्य की परीक्षाओं से डिबार करने को कहा।
समिति ने नए सिरे से होने वाली परीक्षा में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की भी सिफारिश की है। इससे प्रभावित युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
एसओजी की बड़ी कार्रवाई: अब तक का विवरण
एसओजी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 139 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 64 प्रशिक्षु थानेदार शामिल हैं जो गलत तरीके से भर्ती हुए थे।
अदालत में अब तक 15 चार्जशीट पेश की जा चुकी हैं। कुल 139 आरोपियों के खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। हालांकि, 118 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।
वर्तमान में 54 प्रशिक्षु थानेदारों को बर्खास्त किया जा चुका है और 10 को निलंबित किया गया है। 7 आरोपियों के खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी किए गए हैं।
एसओजी की टीम लगातार वांटेड आरोपियों की तलाश में जुटी है। प्रदेश में संबंधित जिला पुलिस भी फरार आरोपियों की तलाश में है। बड़ी संख्या में गिरोह के सदस्य पकड़े जा चुके है। - विशाल बंसल, एडीजी, एसओजी राजस्थान
संदेह के घेरे में राजस्थान की अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाएं
एसआई भर्ती के अलावा रीट 2021, सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती-2022 और पटवारी भर्ती परीक्षा भी जांच के घेरे में हैं। इन परीक्षाओं में भी पेपर लीक के प्रमाण मिले हैं।
जेईएन भर्ती, लाइब्रेरियन भर्ती और आरओ/ईओ भर्ती परीक्षा में भी गड़बड़ी की गंभीर शिकायतें मिली थीं। सरकार अब इन सभी घोटालों की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
इन भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बैठाने और परीक्षा केंद्र पर तकनीकी छेड़छाड़ करने के मामले भी सामने आए हैं। इससे पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अभ्यर्थियों का भविष्य और सरकार की भावी योजना
परीक्षा रद्द होने से उन अभ्यर्थियों में संतोष है जिन्होंने ईमानदारी से मेहनत की थी। उनका मानना है कि अब उन्हें निष्पक्ष मुकाबला करने का मौका मिलेगा।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि आगामी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ होंगी। पेपर लीक रोकने के लिए नए और कड़े कानून प्रभावी तरीके से लागू किए जा रहे हैं।
आने वाले समय में एसओजी फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए अपना अभियान और तेज करेगी। राजस्थान में सरकारी नौकरियों की गरिमा बहाल करना मुख्य लक्ष्य है।
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