जयपुर | राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 5 और 6 अप्रैल 2026 को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले से अब परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने इस मामले की गंभीरता से सुनवाई की। पीठ ने स्पष्ट किया कि परीक्षा अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी।
अदालत का महत्वपूर्ण निर्देश
हालांकि, शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं और उनके समान स्थिति वाले अन्य अभ्यर्थियों को एक बड़ी राहत प्रदान की है। कोर्ट ने उन्हें आगामी परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति दे दी है। लेकिन इस अनुमति के साथ एक कड़ी शर्त भी जोड़ी गई है। पीठ ने निर्देश दिया है कि इन अभ्यर्थियों के परिणाम फिलहाल घोषित नहीं किए जाएंगे। उनकी भागीदारी को पूरी तरह से 'प्रोविजनल' माना जाएगा। न्यायालय ने यह भी साफ कर दिया कि परीक्षा में बैठने मात्र से अभ्यर्थियों के पक्ष में कोई कानूनी अधिकार या समानता (equity) उत्पन्न नहीं होगी। यह पूरी तरह से अदालत के अंतिम आदेश के अधीन रहेगा।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2021 के पेपर लीक प्रकरण से जुड़ा हुआ है। इस मामले की सुनवाई वर्तमान में राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष लंबित है। अभ्यर्थियों का तर्क था कि जब तक आयु सीमा में छूट और पुराने भर्ती विवादों पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं आ जाता, तब तक नई भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों के बीच इस समय असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उनका मानना था कि हाईकोर्ट के फैसले के बिना नई परीक्षा आयोजित करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो सकता है।
वकीलों की दलीलें
अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीबी सुरेश और अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट को 31 मार्च तक आयु सीमा पर फैसला देना था। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि चूंकि हाईकोर्ट ने अभी तक अपना फैसला नहीं सुनाया है, इसलिए परीक्षा को कुछ समय के लिए टाल देना चाहिए। इससे अभ्यर्थियों को न्याय मिल सकेगा। दूसरी ओर, राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने इस याचिका का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने परीक्षा को समय पर कराने के पक्ष में कई दलीलें दीं।
सरकार का पक्ष और तैयारियां
महाधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि इस परीक्षा में प्रदेश भर से हजारों अभ्यर्थी शामिल होने वाले हैं। आयोग और सरकार ने इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सरकार ने दलील दी कि यदि इस स्तर पर परीक्षा को स्थगित किया जाता है, तो इससे व्यापक अव्यवस्था फैल सकती है। इससे न केवल सरकारी मशीनरी बल्कि अन्य अभ्यर्थियों का भी नुकसान होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की इन दलीलों को स्वीकार करते हुए परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अब 5 और 6 अप्रैल को राजस्थान पुलिस में भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित होगी। यह फैसला उन हजारों युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। अब सभी की नजरें परीक्षा के सफल आयोजन और हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी हैं।