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राजस्थान

एसओजी का बड़ा एक्शन: 15 गिरफ्तार: राजस्थान एसओजी का बड़ा धमाका: एसआई और भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले 15 आरोपी गिरफ्तार

बलजीत सिंह शेखावत

राजस्थान एसओजी ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बैठाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बीएसटीसी, पटवारी और एसआई भर्ती के आरोपी शामिल हैं।

HIGHLIGHTS

  • एसओजी ने एसआई और अन्य भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले 15 आरोपियों को दबोचा।
  • बीएसटीसी 2019-20 परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने वाले 12 मूल अभ्यर्थी गिरफ्तार।
  • पटवारी और प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में डमी बनकर बैठने वाले शातिर आरोपी भी पकड़े गए।
  • एफएसएल जांच में हस्ताक्षर और लिखावट का मिलान न होने पर हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा।
rajasthan sog arrests 15 in si recruitment exam fraud

जयपुर | राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। एसओजी ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों के जरिए सफल होने वाले 13 मूल अभ्यर्थियों और 2 डमी अभ्यर्थियों सहित कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह बड़ी कार्रवाई एसआई भर्ती परीक्षा 2025 के दौरान की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर और टोंक से पकड़े गए हैं, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे। इन आरोपियों ने सरकारी तंत्र को धोखा देकर नौकरी पाने की कोशिश की थी।

बीएसटीसी परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा

एसओजी ने बीएसटीसी (प्री डीएलएड) परीक्षा 2019-20 में फर्जीवाड़ा करने वाले 12 मूल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 11 आरोपी उदयपुर के निवासी हैं और एक आरोपी भरतपुर का रहने वाला है।

एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि 2021 में पाली के रोहट थाने में अशोक सारण की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ था। जांच के बाद एसओजी ने मामला दर्ज कर संदिग्धों की तलाश शुरू की थी।

एफएसएल जांच से खुला राज

जांच के दौरान बीकानेर स्थित पंजीयक कार्यालय से मूल दस्तावेज मंगवाए गए थे। संदिग्धों के हस्ताक्षर और लिखावट का मिलान एफएसएल लैब में कराया गया, जिससे धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।

रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा देने वाले वास्तविक व्यक्ति और मूल अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे हैं। इसके बाद उदयपुर और भरतपुर से जगदीश गमार, लक्ष्मी कुमारी और रवीन्द्र सिंह सहित अन्य को गिरफ्तार किया गया।

पटवारी और प्राध्यापक भर्ती के आरोपी

पटवारी भर्ती परीक्षा 2021 में फूलसिंह मीणा की जगह डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाले पप्पूराम को जोधपुर से गिरफ्तार किया गया है। पप्पूराम ने डमी बनने के लिए 10 लाख रुपए का सौदा किया था।

वहीं, प्राध्यापक हिंदी भर्ती परीक्षा 2022 में मनोहर लाल की जगह परीक्षा देने वाले महेंद्र विश्नोई को उदयपुर से पकड़ा गया है। महेंद्र पहले भी कई परीक्षाओं में मोटी रकम लेकर डमी अभ्यर्थी बन चुका है।

एसआई भर्ती 2021 का मामला

एसओजी ने टोंक निवासी सियाराम मीणा को भी गिरफ्तार किया है। सियाराम ने हनुमान प्रसाद मीणा के साथ 15 लाख रुपए में सौदा किया था। उसने 13 सितंबर 2021 को अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा में बैठाया था।

इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने अवैध रूप से परीक्षा उत्तीर्ण की थी। एसओजी अब इन सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और लाभार्थियों का पता लगाया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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