राजस्थान

फर्जी सर्टिफिकेट, एक और अरेस्ट: फर्जी खेल सर्टिफिकेट: शिक्षक भर्ती में एक और गिरफ्तारी

Pradeep Beedawat · 29 मई 2026, 01:03 दोपहर
SOG ने शिक्षक भर्ती घोटाले में एक और अभ्यर्थी को दबोचा। आरोपी ने 1 लाख रुपये में फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट खरीदा था।

जयपुर | राजस्थान में सरकारी नौकरी के लिए फर्जीवाड़े का एक और बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फर्जी खेल प्रमाण पत्र गिरोह पर शिकंजा कसते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 2022 की तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती (लेवल-1) से जुड़ी है।

एक लाख में तय हुई थी सरकारी नौकरी की डील

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी अभ्यर्थी भभूताराम विश्नोई को गिरफ्तार किया गया है। भभूताराम बाड़मेर जिले का रहने वाला है।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने दलाल सतीश डूल के जरिए फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र की डील की थी। यह सौदा करीब 1 लाख रुपये में तय हुआ था।

आरोपी ने करीब तीन साल पहले 15 हजार रुपये नकद देकर यह फर्जी सर्टिफिकेट हासिल कर लिया था। इसका मकसद खेल कोटे से आसानी से सरकारी नौकरी पाना था।

इसके बाद उसने इस सर्टिफिकेट को शिक्षक भर्ती की चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दिया, ताकि उसका चयन सुनिश्चित हो सके।

फर्जी ईमेल आईडी से किया गया गुमराह

जांच में यह भी पता चला है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। अभ्यर्थियों के चयन को पक्का करने के लिए इन्होंने एक फर्जी वेरिफिकेशन सिस्टम भी बना रखा था।

आरोपियों ने 'ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद' के नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी तैयार की।

जब शिक्षा विभाग ने सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए संपर्क किया, तो इसी फर्जी ईमेल आईडी से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर को एक फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेज दी गई।

एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने कहा, "हमारी जांच में यह बात सामने आई है कि दो गुना चयन सूची में शामिल 38 अभ्यर्थियों ने नेशनल लेवल ताइक्वांडो प्रतियोगिता के फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। यह एक संगठित गिरोह है।"

एक और मामले में भी आरोपी है भभूताराम

एसओजी ने बताया कि आरोपी भभूताराम पहले से ही एक अन्य मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा था, जहां से उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है।

उस पर शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में अपने छोटे भाई मुकेश कुमार की जगह एक डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाने का भी गंभीर आरोप है।

इस मामले में एसओजी ने अलग से प्रकरण दर्ज कर रखा है और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। आरोपी को 30 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

इस प्रकरण में नामजद 38 अभ्यर्थियों में से अब तक 21 अभ्यर्थियों सहित कुल 28 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी का कहना है कि शेष आरोपियों और दलालों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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