राजस्थान

छात्रसंघ चुनाव पर बवाल: छात्रसंघ चुनाव पर बवाल, 3 छात्र पानी की टंकी पर चढ़े

desk · 30 जुलाई 2026, 12:58 दोपहर
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज हो गया है। जयपुर में एनएसयूआई के तीन छात्र नेता पानी की टंकी पर चढ़ गए। सरकार पर चुनाव कराने का दबाव बढ़ रहा है।

छात्रसंघ चुनाव को लेकर बढ़ा टकराव

जयपुर | राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा सरकार के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरा है। तीन साल से चुनाव नहीं होने के कारण छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, जिससे राजस्थान विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों में लगातार धरना, प्रदर्शन और अनशन हो रहे हैं।

सितंबर में होने वाले निकाय चुनावों से पहले यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या सरकार छात्रसंघ चुनाव कराएगी या उन्हें एक बार फिर टाल देगी।

पानी की टंकी पर चढ़े 3 छात्र नेता

गुरुवार को छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर आंदोलन और तेज हो गया। राजस्थान विश्वविद्यालय के एनएसयूआई प्रभारी विजयपाल कुड़ी, छात्र नेत्री वियोना जाट और छात्र नेता कोशेन खान टोंक फाटक के पास एक पानी की टंकी पर चढ़ गए।

उन्होंने हाथों में पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे और छात्रों से माफी मांगने की मांग की। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में था।

विश्वविद्यालय में 16 दिनों से धरना जारी

राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में छात्र 16 दिनों से धरने पर बैठे हैं, जबकि छात्रनेता शुभम रेवाड़ 8 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। छात्रों का तर्क है कि अगर स्थानीय निकाय चुनाव समय पर हो सकते हैं, तो छात्रसंघ चुनाव टालने का कोई कारण नहीं है।

शुल्क वसूली पर उठे सवाल

छात्र संगठनों ने आरोप लगाया है कि चुनाव न होने के बावजूद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश के दौरान विद्यार्थियों से छात्रसंघ मद में 50 से 100 रुपए तक का शुल्क लिया जा रहा है। उनका दावा है कि हर साल करोड़ों रुपए की वसूली होती है, जबकि चुनाव नहीं कराए जाते।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, "छात्रसंघ चुनाव छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार क्यों डर रही है, समझ नहीं आता। यदि जल्द घोषणा नहीं हुई तो एनएसयूआई प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगी।"

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