राजस्थान

टीचर ने छात्राओं के कपड़े उतरवाए: पैसे गुम होने पर टीचर ने छात्राओं के कपड़े उतरवाए, सस्पेंड

बलजीत सिंह शेखावत · 16 जुलाई 2026, 02:45 दोपहर
राजस्थान के सवाईमाधोपुर में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने पैसे खो जाने पर छात्राओं के कपड़े उतरवा दिए। घटना के बाद ग्रामीणों ने हंगामा किया, जिसके बाद शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया।

सवाईमाधोपुर |

राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शिक्षिका ने अपने पैसे गुम हो जाने पर स्कूली छात्राओं के कपड़े उतरवाकर उनकी तलाशी ली। इस घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया।

स्कूल पर तालाबंदी और हंगामा

यह मामला सवाईमाधोपुर के बामनवास उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लिवाली का है। घटना के बाद बुधवार सुबह अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और जमकर हंगामा किया।

स्कूल में तालाबंदी और हंगामे की सूचना मिलते ही मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रतिभा मीणा तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसकी विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी।

शिक्षा मंत्री ने जताई नाराजगी

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "यह घटना लिवली के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई, जहां एक शिक्षिका ने अपने पैसे खो जाने के बाद तलाशी लेने के लिए सभी लड़कियों के कपड़े उतरवा दिए।"

उन्होंने आगे कहा कि विभाग ने इस व्यवहार को पूरी तरह से अस्वीकार्य माना है और मामला सामने आते ही इसमें शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की गई है। दिलावर ने स्पष्ट किया, "मैं शिक्षा विभाग में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करूंगा जिनसे शिक्षकों और पूरे विभाग की बदनामी हो।"

आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई

शिक्षा मंत्री ने बताया कि आरोपी सेकेंड ग्रेड की टीचर सरस्वती मीणा को तत्काल निलंबित कर मुख्यालय से दूर भेज दिया गया है। निलंबन काल के दौरान उनका मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय राजाखेड़ा (धौलपुर) तय किया गया है।

इसके अतिरिक्त, व्यावसायिक शिक्षा की टीचर वंदना शर्मा, जो प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत थीं, उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है, यानी नौकरी से हटा दिया गया है।

प्रिंसिपल की भूमिका भी संदिग्ध

इस पूरे घटनाक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज कुमार मीणा की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। सीबीईओ प्रतिभा मीणा ने माना कि प्रधानाचार्य ने समय रहते इस गंभीर और संवेदनशील मामले को दबाने का प्रयास किया। इस घोर लापरवाही को देखते हुए उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।

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