जयपुर | राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कमर कस ली है। हाल ही में शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
इस बैठक में पर्यटन विभाग की शासन सचिव शुचि त्यागी और पर्यटन आयुक्त रुक्मिणी रियाड़ भी मौजूद रहीं। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में पर्यटन विकास के लिए ढांचागत सुविधाओं का विस्तार उनकी प्राथमिकता है।
विरासतों का संरक्षण और शेखावाटी का विकास
दीया कुमारी ने शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्य को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन हवेलियों की पहचान दुनिया भर में है और इनका रखरखाव जरूरी है।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शेखावाटी में पर्यटन विकास के लिए मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
बावड़ियों के संरक्षण को लेकर भी उन्होंने गंभीर रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों से राज्य की चिन्हित बावड़ियों के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और इसे विशेषज्ञ कंसलटेंट्स की देखरेख में करने को कहा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बावड़ियों का जीर्णोद्धार उनकी मूल वास्तुशैली के अनुरूप ही होना चाहिए। ऐतिहासिक महत्व को बनाए रखते हुए आधुनिक पर्यटन की जरूरतों को पूरा करना विभाग का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।
पर्यटकों के लिए सबसे पहली प्राथमिकता है कि उन्हें मूलभूत सुविधाएं सहज सुलभ हो।
आधुनिक सुविधाएं और नया टूरिज्म ऐप
पर्यटन को डिजिटल युग से जोड़ने के लिए दीया कुमारी ने 'टूरिज्म ऐप' की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इस ऐप को जल्द से जल्द विकसित कर लॉन्च करने के निर्देश दिए ताकि पर्यटकों को सभी जानकारी एक जगह मिल सके।
बैठक में विद्याधर नगर में बनने वाले MICE सेंटर पर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने जेडीए के सहयोग से आगे की कार्रवाई तेज करने को कहा। इस केंद्र से राजस्थान में बिजनेस टूरिज्म को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
आरटीडीसी की संपत्तियों के बारे में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। विभागीय परामर्शदाता फर्म की स्टडी रिपोर्ट पर विचार करते हुए उपमुख्यमंत्री ने पुरानी संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उपयोग के निर्देश दिए।
आमेर और जल महल का नया स्वरूप
आमेर किले में 'लाइट एंड साउंड शो' को और बेहतर बनाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने आमेर-नाहरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के विकास प्रोजेक्ट को गति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
जल महल के विकास कार्यों को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को सक्रियता दिखाने को कहा। आमेर मास्टर प्लान के तहत करीब 50 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है, जिसकी डीपीआर तैयार की जा रही है।
इसके साथ ही जवाहर कला केंद्र, रविंद्र मंच और भारतीय लोक कला मंडल में भी विकास कार्य किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने शिल्पग्राम में बजट घोषणा के अनुसार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
दीया कुमारी के इन निर्देशों से साफ है कि राजस्थान सरकार पर्यटन को एक नए विजन के साथ आगे बढ़ाना चाहती है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य की सांस्कृतिक विरासत और अधिक निखर कर सामने आएगी।
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