जयपुर |
यूनिवर्सिटी में बवाल, लाठीचार्ज: राजस्थान यूनिवर्सिटी में ABVP का हंगामा, पुलिस का लाठीचार्ज
छात्रसंघ चुनाव बहाली और फीस वृद्धि वापसी की मांग को लेकर ABVP कार्यकर्ताओं ने कुलपति सचिवालय का घेराव किया।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव और फीस वृद्धि को लेकर ABVP ने जोरदार प्रदर्शन किया।
- प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
- पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में ले लिया।
- ABVP ने फीस वृद्धि वापस लेने, बेहतर सुविधाएं देने और चुनाव बहाल करने की मांग की है।
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राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाली और फीस वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जमकर हंगामा किया। सिंडीकेट बैठक से पहले छात्रों ने कुलपति सचिवालय का घेराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया।
पुलिस और छात्रों के बीच झड़प
प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे।
बड़ी संख्या में छात्र परिसर में इकट्ठा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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जब छात्रों ने सचिवालय के अंदर घुसने की कोशिश की, तो उनकी पुलिस के साथ हल्की झड़प हो गई।
स्थिति को बिगड़ता देख, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर दिया।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन छात्रों को हिरासत में भी ले लिया। घटना के बाद कैंपस में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ABVP ने लगाया आवाज दबाने का आरोप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संयोजक (राज्य विश्वविद्यालय) भारत भूषण यादव ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की।
उन्होंने कहा, "परिषद के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से कुलपति सचिवालय पहुंचे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने छात्रों के साथ सख्ती बरती।"
यादव ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई छात्रों की आवाज को दबाने के लिए की गई है, जिसे परिषद किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र?
भारत भूषण यादव ने बताया कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में लगातार फीस बढ़ाई जा रही है, लेकिन छात्रों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कैंपस में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है और कई हॉस्टल व विभागों की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं।
कई जगहों पर छतों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे छात्रों की सुरक्षा को खतरा है।
इसके अलावा, लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे छात्रों का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व खत्म हो गया है।
ये हैं छात्रों की 5 प्रमुख मांगें
ABVP ने प्रशासन के सामने अपनी पांच सूत्री मांगें रखी हैं, जिन्हें लेकर यह प्रदर्शन किया गया।
1. फीस वृद्धि वापसी: बढ़ाई गई फीस को तुरंत वापस लिया जाए।
2. छात्रसंघ चुनाव: प्रवेश परीक्षाओं और परिणामों को समय पर पूरा कर छात्रसंघ चुनाव बहाल किए जाएं।
3. बेहतर सुविधाएं: छात्रावासों और कैंपस में पीने के पानी, सफाई और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जाएं।
4. पुस्तकालय: भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय को पूरी तरह से शुरू किया जाए और जर्जर भवनों की मरम्मत हो।
5. समय पर परिणाम: सभी परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित किए जाएं।
आंदोलन की चेतावनी
ABVP ने चेतावनी दी है कि अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में एक बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस घटना ने यूनिवर्सिटी कैंपस में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
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