जयपुर | राजस्थान विश्वविद्यालय के महाराजा कॉलेज में प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। छात्र नेता शुभम रेवाड़ के नेतृत्व में आज छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और जोरदार प्रदर्शन किया।
मेधावी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़?
छात्रों का गंभीर आरोप है कि जो विद्यार्थी 12वीं बोर्ड में 90 फीसदी से ज्यादा अंक लाए थे, उन्हें यूनिवर्सिटी ने महज तीन महीने बाद ही फेल कर दिया है।
हैरानी की बात यह है कि कई प्रतिभाशाली छात्रों की मार्कशीट में शून्य और एक अंक दर्शाए गए हैं। शुभम रेवाड़ ने इसे सीधे तौर पर एक बड़ा 'रिजल्ट घोटाला' करार दिया है।
यूनिवर्सिटी सिस्टम पर खड़े हुए बड़े सवाल
प्रदर्शनकारियों ने पूछा कि क्या तीन महीने में छात्र इतने अक्षम हो गए कि वे शून्य अंक ला रहे हैं? क्या यूनिवर्सिटी का कॉपी जांचने वाला सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है?
छात्रों का कहना है कि राजस्थान के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज के छात्रों के साथ ऐसा अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा।
"यूनिवर्सिटी प्रशासन का यह रवैया समझ से परे है। यदि जल्द ही कॉपियों का पारदर्शी पुनर्मूल्यांकन नहीं हुआ, तो छात्र शक्ति पूरे विश्वविद्यालय में उग्र आंदोलन के लिए विवश होगी।" - शुभम रेवाड़
छात्रों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए। प्रशासन की चुप्पी ने छात्रों के गुस्से को और भड़का दिया है, जिससे कैंपस में तनाव का माहौल बना हुआ है।
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