जयपुर | राजस्थान के शहरों को आधुनिक और स्वच्छ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शासन सचिव रवि जैन ने शनिवार को एक अहम बैठक ली। इस बैठक में शहरी विकास से जुड़ी बड़ी योजनाओं जैसे अमृत 2.0, पीएम स्वनिधि और स्वच्छ भारत मिशन की प्रोग्रेस की बारीकी से समीक्षा की गई।
अमृत 2.0: सीवरेज प्रोजेक्ट्स पर सख्त निर्देश
सचिव रवि जैन ने अमृत 2.0 के तहत चल रहे सीवर लाइन और एसटीपी (STP) कार्यों की प्रगति जांची। उन्होंने प्रोजेक्ट्स में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर काम की वास्तविक स्थिति देखें। केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर काम दिखना चाहिए। जो संवेदक (contractors) काम में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विकास कार्यों में सुस्ती अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
करोड़ों का बजट और प्रगति का आंकड़ा
अमृत 2.0 मिशन के तहत सीवरेज क्षेत्र में कुल 48 महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत 5950.86 करोड़ रुपये है। इनमें से 42 प्रोजेक्ट्स के लिए 4652.82 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी हो चुके हैं। स्थानीय निकायों को 2047 करोड़ रुपये की राशि भी आवंटित की जा चुकी है। वर्तमान में इन कार्यों में लगभग 54 प्रतिशत भौतिक प्रगति देखी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रोजेक्ट्स तय समय सीमा के भीतर ही पूरे किए जाएं।
पीएम स्वनिधि: रेहड़ी-पटरी वालों को मिलेगी राहत
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शासन सचिव ने ऋण वितरण की प्रक्रिया को तेज करने को कहा है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को समय पर पैसा मिलना बेहद जरूरी है। बैंकों के पास जो आवेदन लंबित हैं, उन्हें तुरंत क्लियर करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बैंकों के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर जोर देने को कहा गया है। अगर आवेदनों में कोई तकनीकी कमी है, तो उसे दूर कर दोबारा पेश किया जाए। इससे छोटे व्यापारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और योजना का उद्देश्य सफल होगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण और पिंक टॉयलेट्स
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत प्रदेश की रैंकिंग सुधारने के लिए नई रणनीति बनाई गई है। इसमें सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव पर ध्यान है। खासकर 'पिंक टॉयलेट्स' की स्थिति सुधारने और उनकी उपयोगिता बढ़ाने पर चर्चा हुई। महिलाओं की सुविधा के लिए यह सरकार का एक बड़ा और संवेदनशील कदम है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए बन रहे प्रोसेसिंग प्लांट्स को भी समय पर पूरा करने को कहा गया है। हर हफ्ते मॉनिटरिंग के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर और मुख्य अभियंता अरुण व्यास सहित कई वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।