जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर से लेकर प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों तक, अब विकास की एक नई लहर देखने को मिलेगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने हाल ही में सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक ली और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास परियोजनाओं में तेजी लाना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को आधुनिक शहरी जीवन का लाभ मिले।
75 हजार नए घरों का सपना होगा सच
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राजस्थान में आवास निर्माण को नई ऊंचाई दी जाएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक राज्य में 75 हजार नए आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए भारत सरकार से समन्वय कर पात्र लाभार्थियों को घर बनाने के लिए लगभग 475 करोड़ रुपये की अनुदान राशि समयबद्ध रूप से बांटी जाएगी। मुख्य सचिव ने शहरी आवास योजना की जिला-स्तरीय रैंकिंग की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
इससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। उन्होंने इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम के जरिए बैंकर्स के साथ तालमेल बिठाकर लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया ताकि गरीबों का अपने घर का सपना जल्द साकार हो सके।
स्वच्छता के लिए 600 करोड़ का भारी बजट
स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत राजस्थान को और अधिक साफ-सुथरा बनाने की तैयारी है। वर्ष 2026-27 के दौरान मिशन के कार्यों पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अब हर महीने एक विशेष वेबिनार का आयोजन होगा, जिसमें दो नगरीय निकाय अपनी श्रेष्ठ प्रथाओं और स्वच्छ सर्वेक्षण से संबंधित प्रस्तुतियां देंगे। मुख्य सचिव खुद इन वेबिनार का हिस्सा बनकर निकायों का उत्साहवर्धन करेंगे।
उन्होंने कचरे से बिजली बनाने वाले वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स को स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन दोनों के लिए प्रदेश में मील का पत्थर साबित होगा।
नाथद्वारा मॉडल से सीखेंगे अन्य शहर
बैठक में नाथद्वारा स्थित श्रीनाथ मंदिर की सफाई व्यवस्था की जमकर सराहना हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों और शहरों को भी इस स्वच्छता मॉडल से प्रेरणा लेनी चाहिए और इसे पूर्णतः लागू करना चाहिए।
सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए नियमित फील्ड विजिट करें और मॉनिटरिंग बढ़ाएं। अधिकारियों को खुद जमीन पर जाकर हकीकत देखनी होगी ताकि शहरों में सफाई का स्तर सुधरे।
67 शहरों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
RUIDP के पांचवें चरण के तहत राजस्थान के 67 शहरों का कायाकलप होगा। इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक और वर्ल्ड बैंक के माध्यम से 9,501 करोड़ रुपये का ऋण लिया जाएगा।
इस राशि का उपयोग वेस्ट वाटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और अर्बन मोबिलिटी के कार्यों को गति देने के लिए होगा। इससे शहरों में जाम और गंदगी की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और आमजन का जीवन सुगम होगा।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि जनता को आधारभूत सुविधाएं समय पर मिल सकें और राजस्थान शहरी विकास में देश का अग्रणी राज्य बने।