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राजस्थान

राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट: राजस्थान में 30 अप्रैल तक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

मानवेन्द्र जैतावत

जयपुर, जोधपुर और कोटा समेत कई जिलों में प्री-मानसून बारिश और आंधी की चेतावनी।

HIGHLIGHTS

  • 28 से 30 अप्रैल के बीच राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
  • जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
  • मौसम विभाग ने तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने का अनुमान लगाया है।
  • किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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जयपुर | राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से करवट लेने वाला है, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 28 से 30 अप्रैल के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।

इस प्री-मानसून गतिविधि के चलते जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे प्रमुख शहरों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जो धूल भरी आंधी का रूप ले सकती है।

पूर्वी राजस्थान के जिलों में बिजली गिरने और तेज गर्जना की अधिक संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम का व्यापक असर दिखेगा।

प्रमुख जिलों में मौसम का प्रभाव

तापमान में इस मौसमी बदलाव की वजह से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे भीषण लू का प्रभाव कम होगा।

जयपुर में बादल छाए रहने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है, जबकि जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में धूल भरी हवाएं चलने के आसार हैं।

कोटा संभाग में मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान है, जिससे वहां के तापमान में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों ने जताई है।

उदयपुर के पहाड़ी क्षेत्रों में भी गरज के साथ बारिश होने की संभावना है, जो स्थानीय स्तर पर मौसम को काफी सुहावना और ठंडा बना सकती है।

"उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने वाली हैं।"

कृषि और सुरक्षा हेतु महत्वपूर्ण निर्देश

अजमेर, सीकर, अलवर, भरतपुर और टोंक जैसे जिलों में भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

किसानों के लिए यह मौसम चिंता और राहत दोनों लेकर आया है; जहां गर्मी कम होगी, वहीं कटी हुई फसल को नुकसान का खतरा बना हुआ है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अनाज की बोरियों और कटी हुई फसलों को तिरपाल से ढंककर सुरक्षित स्थानों पर जल्द पहुंचा दें।

तेज हवाओं के दौरान बिजली के तारों और खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है, क्योंकि शॉर्ट सर्किट या खंभे गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

सड़क यातायात पर भी धूल भरी आंधी का असर पड़ सकता है, इसलिए वाहन चालकों को कम दृश्यता की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम खराब होने की स्थिति में पक्के मकानों में शरण लें और खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न जाएं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि यह मौसमी बदलाव 30 अप्रैल तक सक्रिय रहेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने और पारा चढ़ने के आसार हैं।

निष्कर्षतः, राजस्थान में प्री-मानसून की यह दस्तक गर्मी से अस्थायी राहत तो देगी, लेकिन सावधानी न बरतने पर यह जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और एप के माध्यम से ताजा अपडेट्स पर लगातार अपनी नजर बनाए रखें।

*Edit with Google AI Studio

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