जयपुर | बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर से प्रदेश के पूर्वी जिलों में गुरुवार सुबह से आंधी और बारिश का दौर शुरू हुआ। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
तेज हवाओं और बारिश का असर
इस दौरान 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग के अनुसार, जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, कोटपूतली, टोंक, सवाई माधोपुर, सीकर और अजमेर में बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई।
इसके साथ ही दिन के तापमान में 5-8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। जयपुर में दोपहर बाद बारिश हुई और कई इलाकों में देर रात तक करीब 20 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार को भी पूर्वी राजस्थान सहित कई जिलों में बारिश और बूंदाबांदी के आसार हैं।
विभाग ने शुक्रवार को 15 जिलों में ऑरेंज और 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अगले सप्ताह भी बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान तापमान में 1-2 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।
तूफानों का राजस्थान पर प्रभाव
इससे पहले भी राजस्थान पर चक्रवाती तूफानों का असर देखा गया है। मई 2021 में 'ताउते' के प्रभाव से उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और कोटा सहित कई जिलों में भारी बारिश हुई थी।
जून 2023 में 'बिपरजॉय' के दौरान प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई थी। 96 घंटे में राजस्थान में औसतन 86.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो मौसमी सामान्य बारिश का करीब 20 प्रतिशत थी।
तूफान कैसे प्रभावित करते हैं?
मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, अरब सागर में उठने वाले कुछ चक्रवाती तूफान गुजरात तट की ओर बढ़ते हैं और कमजोर होकर राजस्थान में प्रवेश कर सकते हैं।
वहीं, बंगाल की खाड़ी के तूफानों के कमजोर अवशेष मध्य भारत से आगे बढ़ते हुए राजस्थान के मौसम को प्रभावित करते हैं। अर्नब के मामले में भी नमी और मौसमी तंत्रों के मेल से बारिश हुई।
किसानों के लिए राहत
बारिश से रबी की फसल को फायदा हुआ है। अभी सरसों की बुवाई का दौर चल रहा है। इससे किसानों को सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।
आगामी गेहूं और चने की फसल के लिए भी भूमि में नमी बढ़ने से लाभ होगा।
बढ़ती सर्दी का संकेत
अगले सप्ताह दीपावली का त्योहार है। बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट शुरू हो गई है।
ऐसे में लोगों को दिवाली से पहले गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ सकता है।
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