जयपुर | राजस्थान में इन दिनों मौसम का मिजाज काफी सख्त नजर आ रहा है। पूरे राज्य में शुष्क मौसम और तेज धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बाड़मेर में सबसे अधिक 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। यह राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है।
पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी और लू जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। दिन के समय चलने वाली गर्म हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है।
तापमान और आर्द्रता का विवरण
राज्य में आर्द्रता का स्तर 10 प्रतिशत से 48 प्रतिशत के बीच बना हुआ है। इसके कारण दिन के समय हवा काफी शुष्क महसूस हो रही है।
रात के समय हल्की नमी होने से तापमान में मामूली गिरावट आती है। हालांकि, दिन का पारा लगातार सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।
प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा भी बढ़ गया है।
चक्रवाती परिसंचरण और जेट स्ट्रीम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह करीब 1.5 किमी की ऊंचाई तक प्रभावी है।
साथ ही, 13.5 किमी की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम भी अपना असर दिखा रही है। इन प्रणालियों के कारण प्रदेश के मौसम में स्थिरता और शुष्कता बनी हुई है।
15 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग का मानना है कि इसका राजस्थान पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान
अगले कुछ दिनों में राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान 3 से 5 डिग्री तक और बढ़ सकता है। इससे गर्मी के तेवर और भी ज्यादा तीखे हो जाएंगे।
मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि पश्चिमी राजस्थान में लू का प्रकोप बढ़ेगा। किसानों को भी अपनी फसलों की सिंचाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
कुल मिलाकर, प्रदेशवासियों को फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। आने वाला हफ्ता तापमान के मामले में काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।