जयपुर | राजस्थान में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं, जहां एक तरफ भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि से राहत की फुहारें बरसाई हैं। राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई है, लेकिन बाड़मेर और जैसलमेर जैसे इलाकों में सूरज की तपिश अब भी बरकरार है।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण सीकर, बीकानेर, राजसमंद, फलोदी और अलवर जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
राजस्थान में गर्मी और बारिश का डबल अटैक: राजस्थान में मौसम का तांडव: कहीं बारिश तो कहीं 45.7 डिग्री गर्मी
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और ओले गिरे, बाड़मेर में पारा 45.7 डिग्री के पार पहुंचा।
HIGHLIGHTS
- पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सीकर, बीकानेर और अलवर सहित कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है।
- बाड़मेर 45.7 डिग्री तापमान के साथ सबसे गर्म जिला रहा, जबकि जयपुर में सीजन की सबसे गर्म रात रही।
- भीषण गर्मी के चलते जालोर और कोटपूतली-बहरोड़ में कक्षा 8 तक के स्कूलों का समय बदल दिया गया है।
- मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक राज्य के 13 जिलों में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है।
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बारिश और ओलावृष्टि का प्रभाव
श्रीगंगानगर में लंबे समय से सूखी पड़ी नहरों में पानी बहने लगा है, जिससे स्थानीय किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि, यह पानी अचानक हुई बारिश और मौसम के बदलाव का परिणाम माना जा रहा है।
अलवर के अस्पतालों में भीषण गर्मी से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को लू से बचाने के लिए खिड़कियों और वार्डों के बाहर ग्रीन-नेट्स लगवाए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में अगले तीन दिनों तक इस नए वेदर सिस्टम का असर बना रहेगा। इसके प्रभाव से कई स्थानों पर तेज आंधी चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
बाड़मेर में भीषण गर्मी का कहर
एक तरफ जहां कुछ जिलों में बारिश हो रही है, वहीं बाड़मेर जिला भीषण गर्मी की चपेट में है। शनिवार को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक था।
जयपुर में भी गर्मी ने अपने तेवर दिखाए हैं। राजधानी में शनिवार की रात सीजन की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जिससे लोगों को रात के समय भी चैन नहीं मिला।
भीषण उमस और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं।
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"आगामी 72 घंटों के दौरान राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में धूलभरी आंधी के साथ हल्की बारिश की प्रबल संभावना है।" - मौसम विभाग
प्रशासनिक निर्णय और स्कूलों का समय
बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। जालोर और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में विशेष आदेश जारी किए गए हैं।
इन जिलों में 27 अप्रैल से कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से पहले ही घर भेजने की व्यवस्था की गई है।
अभिभावकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि छोटे बच्चों के लिए 40 डिग्री से ऊपर के तापमान में स्कूल जाना काफी जोखिम भरा साबित हो रहा था।
स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवायजरी जारी कर लोगों को पर्याप्त पानी पीने और सीधी धूप से बचने की सलाह दी है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए अलग से बेड आरक्षित किए गए हैं।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने आज राज्य के 2 जिलों में बारिश और 13 जिलों में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। यह दोहरा मौसम अगले कुछ दिनों तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
धूलभरी आंधी चलने से दृश्यता कम हो सकती है, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में लू का असर अधिक रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।
राजस्थान में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जलवायु परिवर्तन के संकेतों के रूप में देखा जा रहा है। जहां एक ओर गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है, वहीं बिन मौसम बारिश और ओलावृष्टि ने विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। आने वाले दिनों में यदि बारिश का दौर थमता है, तो तापमान में और भी उछाल देखने को मिल सकता है।
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