जयपुर | राजस्थान में कुदरत का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। राजधानी जयपुर में शुक्रवार की शाम काफी डरावनी रही। करीब 5 बजे शुरू हुए अंधड़ और बारिश ने शहर में भारी तबाही मचाई। इस दौरान दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की जान चली गई। जवाहर नगर इलाके में एक बाइक सवार पर अचानक बिजली का पोल गिर गया। 50 वर्षीय रामजीलाल महावर की इस हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। वह खुद बिजली पोल के काम से जुड़े थे। दूसरा हादसा जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में हुआ। वहां तेज हवा के दबाव से एक भारी ग्रेनाइट पत्थर बुजुर्ग पर गिर गया। इस दुखद हादसे में बुजुर्ग ने अपनी जान गंवा दी।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। आज भी उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में भी ओले गिरने का डर बना हुआ है। मौसम विभाग ने करीब 29 जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मौजूदा सिस्टम के असर से 4 अप्रैल को कई संभागों में तेज हवाएं चलेंगी। कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो खेती के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
तापमान में भारी गिरावट
बारिश और ओलावृष्टि का सीधा असर पारे पर पड़ा है। श्रीगंगानगर और बीकानेर जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 7 से 8 डिग्री तक गिर गया है। अप्रैल में फिर से हल्की ठंड का अहसास होने लगा है। शुक्रवार को दिन का सबसे अधिक तापमान चित्तौड़गढ़ और अलवर में 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, कई अन्य जिलों में पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे उमस से राहत मिली है। पिछले 24 घंटों में अजमेर में 17.6 मिमी, झुंझुनूं में 12.2 मिमी और हनुमानगढ़ में 11.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। जोधपुर, सीकर और पिलानी में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई है।
किसानों पर गिरी बिजली
किसानों के लिए यह मौसम आफत बनकर आया है। खेतों में खड़ी और मंडियों में खुले में रखी सरसों, गेहूं और चने की फसलें भीग गई हैं। ओलों ने पकी हुई फसलों को बर्बाद कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के बाद पश्चिमी विक्षोभ का इतना सक्रिय होना असामान्य है। अब तक 6 सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं, जिससे मौसम का पूरा पैटर्न ही बदल गया है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 अप्रैल को गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी। लेकिन राहत की उम्मीद कम है क्योंकि 7 अप्रैल से एक और नया मजबूत सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है। इस नए सिस्टम के कारण एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बढ़ जाएगी। प्रशासन ने किसानों को अपनी फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने की हिदायत दी है।